ओम बिरला ने श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग और संसदीय संबंधों पर जोर

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को श्रीलंका की संसद के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर संसदीय सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। यह प्रतिनिधिमंडल एसएम मारिक्कर के नेतृत्व में भारत दौरे पर आया है।
साझा संस्कृति और विरासत से जुड़े संबंध
संसद भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान बिरला ने कहा कि भारत और श्रीलंका के संबंध केवल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच साझा संस्कृति और विरासत से जुड़े गहरे आत्मीय रिश्ते हैं।
संसदीय प्रक्रिया पर जोर
उन्होंने भारतीय संसद के बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है, जहां सरकारी नीतियों और खर्चों की गहन समीक्षा की जाती है।
संसदीय समितियां ‘मिनी संसद’
ओम बिरला ने संसदीय समितियों को ‘मिनी संसद’ बताते हुए कहा कि इन समितियों में विस्तृत विचार-विमर्श के जरिए प्रभावी और ठोस निर्णय तैयार किए जाते हैं।
सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति
उन्होंने भारत-श्रीलंका संसदीय मैत्री समूह को द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा देने वाला कदम बताया। साथ ही, दोनों पक्षों ने मूलभूत ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति जताई।
बिरला ने कहा कि इस तरह के संवाद दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देंगे और साझा विकास की दिशा में मजबूत आधार तैयार करेंगे






