एनएसई ने बनाया नया रिकॉर्ड: 13 करोड़ पार रजिस्टर्ड निवेशक, 40% युवा और हर चौथा निवेशक महिला

भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने निवेशकों की संख्या के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एनएसई के रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 13 करोड़ के पार पहुंच गई है, जो देश में बढ़ती निवेश जागरूकता का संकेत है।
एनएसई के अनुसार, सितंबर 2025 में निवेशकों की संख्या 12 करोड़ थी, जो महज सात महीने में बढ़कर 13 करोड़ हो गई। यानी इस अवधि में एक करोड़ नए निवेशक जुड़े, जो तेज़ी से बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
निवेशकों की प्रोफाइल पर नजर डालें तो करीब 40 प्रतिशत निवेशक 30 साल से कम उम्र के हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि युवा वर्ग तेजी से शेयर बाजार की ओर आकर्षित हो रहा है। इसके साथ ही हर चार निवेशकों में एक महिला निवेशक है, जो बाजार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार निवेशकों की औसत आयु घटकर 33 वर्ष रह गई है, जबकि 2021 में यह 36 वर्ष थी। यह बदलाव दर्शाता है कि नई पीढ़ी निवेश को लेकर अधिक सक्रिय हो रही है।
पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों की संख्या में वृद्धि की गति काफी तेज हुई है। एनएसई को एक करोड़ निवेशकों तक पहुंचने में 14 साल लगे थे, लेकिन अब हर 6 से 8 महीने में करीब एक करोड़ नए निवेशक जुड़ रहे हैं।
वित्त वर्ष 2020-21 से 2025-26 के बीच एनएसई के निवेशकों की संख्या 26.4 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ी है। इसी अवधि में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप भी 18 प्रतिशत की दर से बढ़कर 460.6 लाख करोड़ रुपये हो गया।
देशभर में एनएसई की पहुंच तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में देश के 99.85 प्रतिशत पिन कोड क्षेत्रों में एनएसई के निवेशक मौजूद हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच को दर्शाता है।
राज्यवार आंकड़ों में महाराष्ट्र करीब 2 करोड़ निवेशकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि उत्तर प्रदेश करीब 1.5 करोड़ निवेशकों के साथ दूसरे स्थान पर और गुजरात लगभग 1.1 करोड़ निवेशकों के साथ तीसरे स्थान पर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, आसान निवेश विकल्प और वित्तीय साक्षरता बढ़ने से भारत में शेयर बाजार की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो आने वाले समय में और तेज हो सकती है।






