डब्ल्यूटीओ की विवाद निपटान प्रणाली को फिर से सक्रिय बनाने की जरूरत: पीयूष गोयल

भारत ने World Trade Organization (डब्ल्यूटीओ) के सदस्य देशों से उसकी विवाद निपटान प्रणाली को फिर से पूरी तरह कार्यशील बनाने की अपील की है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि मौजूदा समय में यह प्रणाली निष्क्रिय है, जिससे सदस्य देशों को विवादों के प्रभावी समाधान से वंचित होना पड़ रहा है।
🌍 MC14 सम्मेलन में भारत की मजबूत आवाज
पीयूष गोयल WTO 14th Ministerial Conference में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो Yaounde में आयोजित हो रहा है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
- विवाद निपटान प्रणाली को स्वचालित और बाध्यकारी बनाना जरूरी
- सुधारों को पारदर्शी और सदस्य-आधारित प्रक्रिया से लागू किया जाए
- वैश्विक व्यापार ढांचे में विकास को केंद्र में रखा जाए
⚖️ क्यों ठप है विवाद निपटान व्यवस्था?
डब्ल्यूटीओ की विवाद निपटान प्रणाली 2009 से प्रभावी रूप से काम नहीं कर रही है, क्योंकि अपीलीय निकाय में नियुक्तियों को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
इस वजह से:
- देशों के बीच व्यापारिक विवाद लंबित रहते हैं
- वैश्विक व्यापार व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है
💻 ई-कॉमर्स पर भी उठाए सवाल
गोयल ने ‘इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन’ पर सीमा शुल्क न लगाने की मौजूदा व्यवस्था पर भी पुनर्विचार की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा:
- 1998 से यह रोक लागू है
- इससे देशों के राजस्व पर असर पड़ सकता है
- बिना आम सहमति के इसे आगे बढ़ाना उचित नहीं
🌾 कृषि और मत्स्य पालन पर जोर
भारत ने सम्मेलन में लंबित मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही:
- खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक भंडारण
- विशेष सुरक्षा उपाय
- कपास से जुड़े समाधान
साथ ही, भारत ने संतुलित मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते की वकालत की, जिससे गरीब मछुआरों की आजीविका सुरक्षित रहे।
🤝 द्विपक्षीय बैठकों में भी सक्रिय भारत
सम्मेलन के दौरान गोयल ने कई देशों के साथ बैठकें कीं, जिनमें शामिल हैं:
- नीदरलैंड
- फ्रांस
- इथियोपिया
साथ ही उन्होंने Joseph Dion Ngute से मुलाकात कर भारत-कैमरून संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
📊 भारत का स्पष्ट संदेश
भारत ने साफ किया कि:
- WTO को वैश्विक व्यापार का केंद्र बनाए रखना जरूरी है
- सुधार समानता, पारदर्शिता और बहुपक्षवाद पर आधारित हों
- गरीब और विकासशील देशों के हितों की रक्षा हो






