स्टॉक मार्केट में बायो मेडिका की फीकी एंट्री, 20% डिस्काउंट पर लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट

फार्मास्यूटिकल सेक्टर की कंपनी बायो मेडिका लेबोरेट्रीज ने शेयर बाजार में निराशाजनक शुरुआत की है। कंपनी के शेयर शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुए, जिससे IPO निवेशकों को पहले ही दिन बड़ा झटका लगा।

कंपनी के शेयर IPO में 139 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किए गए थे, लेकिन एनएसई के SME प्लेटफॉर्म पर इसकी एंट्री करीब 20 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 111.20 रुपये पर हुई। लिस्टिंग के तुरंत बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया और शेयर गिरकर 105.65 रुपये के लोअर सर्किट स्तर तक पहुंच गया।

इस गिरावट के चलते IPO निवेशकों को प्रति शेयर 33.35 रुपये यानी करीब 24 प्रतिशत तक का नुकसान झेलना पड़ा। मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद कर रहे निवेशकों के लिए यह शुरुआत निराशाजनक साबित हुई।

IPO को मिला था औसत रिस्पॉन्स

बायो मेडिका लेबोरेट्रीज का 52.43 करोड़ रुपये का IPO 21 मई से 25 मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस इश्यू को निवेशकों से औसत प्रतिक्रिया मिली थी और यह कुल 2.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) श्रेणी में सबसे ज्यादा 15.94 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में 1.30 गुना और रिटेल निवेशकों की श्रेणी में 2.92 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।

IPO के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 37.32 लाख शेयर जारी किए गए। इनमें लगभग 45 करोड़ रुपये के नए शेयर और करीब 5 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए। मार्केट मेकर को भी 1.89 लाख नए शेयर आवंटित किए गए।

जुटाई गई राशि का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी ने बताया है कि IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी रही?

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में मुनाफे में सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 33 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो 2023-24 में बढ़कर 2.50 करोड़ रुपये और 2024-25 में 9.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच कंपनी 8.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज कर चुकी थी।

हालांकि, इस दौरान कंपनी पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी पर 9.61 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2024-25 तक बढ़कर 15.01 करोड़ रुपये हो गया। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच यह कर्ज बढ़कर 38.17 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

राजस्व में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 2022-23 में कंपनी को 16.25 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो 2023-24 में घटा, लेकिन 2024-25 में बढ़कर 38.33 करोड़ रुपये हो गया।

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