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नोएडा श्रमिक हिंसा मामला: बिगुल मजदूर दस्ता के दो सदस्य गिरफ्तार, साजिश की परतें खुलीं

नोएडा में 13 अप्रैल को हुई श्रमिक हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिगुल मजदूर दस्ता के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा के रूप में हुई है, जिन्हें थाना फेस-2 क्षेत्र से हिरासत में लिया गया।

पुलिस के अनुसार, इन दोनों की गिरफ्तारी इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद से पूछताछ के बाद की गई है। जांच में सामने आया है कि घटना के दिन दोनों आरोपी नोएडा में मौजूद थे और मास्टरमाइंड के साथ लगातार संपर्क में थे।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी विजय कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमांशु ठाकुर, जो एक यू-ट्यूबर भी है, घटना के दौरान सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। वह वीडियो कॉल के माध्यम से श्रमिकों को भड़काने और आंदोलन को उग्र बनाने में भूमिका निभा रहा था।

जांच में यह भी सामने आया है कि हिमांशु, एमए करने के बाद श्रमिकों की समस्याओं पर पीएचडी की तैयारी कर रहा था और इसी दौरान वह आकृति नाम की युवती के संपर्क में आया। आकृति को पुलिस पहले ही इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। उसी के माध्यम से हिमांशु का संपर्क तमिलनाडु से गिरफ्तार एक लाख के इनामी आरोपी आदित्य आनंद से हुआ था।

पुलिस के अनुसार, आदित्य आनंद के साथ जुड़ने के बाद हिमांशु श्रमिक आंदोलनों और सभाओं में सक्रिय रूप से शामिल होने लगा था। लगातार श्रमिकों के संपर्क में रहकर वह आंदोलन को दिशा देने का प्रयास कर रहा था।

इस मामले में पुलिस पहले ही आदित्य आनंद समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब हिमांशु और सत्यम की गिरफ्तारी को जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

घटना के बाद से पुलिस, एसटीएफ और खुफिया एजेंसियां लगातार मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, इस संगठन के लखनऊ स्थित कार्यालय पर भी छापेमारी की गई है।

वहीं, इस मामले में शांति भंग की धारा में गिरफ्तार किए गए करीब 1000 श्रमिकों को पुलिस ने जेल से रिहा कर दिया है। हालांकि, रिहाई के दौरान सख्त शर्तें लगाई गई हैं कि वे भविष्य में किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे जिससे सार्वजनिक शांति भंग हो।

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