निर्मला सीतारमण ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री से की मुलाकात, ईएफटीए-टीईपीए समझौतों और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री Nirmala Sitharaman ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre से मुलाकात की। इस दौरान भारत-ईएफटीए तथा टीईपीए समझौतों के क्रियान्वयन और द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने पर विस्तार से चर्चा हुई।
🤝 रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी
वित्त मंत्रालय के अनुसार, बैठक में उच्च तकनीक विनिर्माण, कार्बन कैप्चर एवं स्टोरेज, स्टार्टअप्स, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया गया।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने इस वर्ष प्रस्तावित प्रधानमंत्री Narendra Modi के नॉर्वे दौरे को लेकर उत्साह व्यक्त किया और विश्वास जताया कि इससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।
💼 निवेशकों के साथ गोलमेज बैठक
इससे पहले निर्मला सीतारमण ने नॉर्वे के प्रमुख सीईओ और निवेशकों के साथ एक उच्चस्तरीय गोलमेज बैठक में भाग लिया। बैठक में National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) के सीईओ और Confederation of Indian Industry (CII) के अध्यक्ष भी शामिल रहे।
करीब 35 से अधिक शीर्ष उद्योगपतियों के साथ चर्चा में भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था और आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
📊 बजट और सुधारों पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 सरकार के सुधार एजेंडे को दर्शाता है, जिसमें नागरिकों और कंपनियों के लिए रेगुलेटरी और कम्प्लायंस बोझ कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बैठक में रिन्यूएबल एनर्जी, कार्बन कैप्चर, रेयर अर्थ्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, शिप बिल्डिंग और मैरीटाइम इकोसिस्टम में निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई।
प्रतिभागियों ने भारत की स्थिर मैक्रोइकोनॉमिक नीतियों और सुधारों की रफ्तार की सराहना की।
कुल मिलाकर, यह दौरा भारत-नॉर्वे आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






