असम राइफल्स स्थापना दिवस: अमित शाह समेत कई नेताओं ने वीर जवानों को दी शुभकामनाएं

असम राइफल्स के स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी सहित कई नेताओं ने वीर जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।

नेताओं ने इस मौके पर देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले असम राइफल्स के जवानों के साहस, अनुशासन और समर्पण की सराहना की।

अमित शाह का संदेश

अमित शाह ने कहा कि असम राइफल्स के जवान पूर्वोत्तर के कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में सीमाओं की रक्षा करते हुए न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि मानवीय सहायता के माध्यम से स्थानीय समुदायों के बीच विश्वास भी कायम करते हैं। उन्होंने राष्ट्र की सेवा में शहीद हुए जवानों को भी श्रद्धांजलि दी।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने असम राइफल्स के 191वें स्थापना दिवस पर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बल वीरता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है।

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने असम राइफल्स को “पूर्वोत्तर का प्रहरी” बताते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस और समर्पण राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए प्रेरणादायक है।

असम राइफल्स का गौरवशाली इतिहास

असम राइफल्स की स्थापना 1835 में हुई थी और यह देश का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है। यह बल—

  • सीमाओं की सुरक्षा
  • आपदा प्रबंधन
  • मानवीय सहायता
  • स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय

जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता है।

वर्तमान में असम राइफल्स प्रशासनिक रूप से गृह मंत्रालय के अधीन और परिचालन रूप से रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में कार्य करता है।

देश की सुरक्षा में इसकी भूमिका को देखते हुए यह बल आज भी राष्ट्र की एकता और सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बना हुआ है।

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