छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को बड़ा झटका, बीजापुर-गरियाबंद के जंगलों से 8 डंप और भारी विस्फोटक बरामद
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर जिले के घने जंगलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने नक्सलियों के आठ गुप्त डंप बरामद किए हैं। वहीं गरियाबंद जिले के दंडईपानी और गोबरा क्षेत्र में संयुक्त अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त कर कई आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया।
बीजापुर में 8 नक्सली डंप बरामद
सीआरपीएफ के अनुसार द्वितीय कमान अधिकारी कुमार नीरज की देखरेख में संयुक्त टीम का गठन किया गया था। अभियान में बी/199 कंपनी, यंग प्लाटून और एफ/199 कंपनी के जवान शामिल थे। टीम ने पीडिया और कुप्पागुडा क्षेत्र के अंतर्गत एड्री, हर्रा और मदुमपारा गांवों के जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।
तलाशी अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए आठ गुप्त डंप बरामद किए गए। सुरक्षा बलों ने इन डंपों से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री सहित बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया।
हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त
बरामद सामग्री में बैरल ग्रेनेड लॉन्चर राइफलें, .303 राइफल, एयर गन राउंड, 21 आईईडी, कॉर्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, इलेक्ट्रिक वायर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा नक्सलियों के उपयोग में आने वाले कपड़े और दैनिक जरूरत के अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।
गरियाबंद में आईईडी और कुकर बम बरामद
गरियाबंद जिले में चलाए गए अलग अभियान के दौरान सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने दंडईपानी और गोबरा क्षेत्र के जंगलों से 4 किलोग्राम का प्रेशर आईईडी, कुकर बम, चाइना बम, गन पाउडर और कमर्शियल कॉर्डेक्स वायर बरामद किया।
सुरक्षा बलों ने बरामद आईईडी और अन्य विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया। अभियान के दौरान दवाइयां और दैनिक उपयोग की सामग्री भी जब्त की गई।
सुरक्षा और विकास के लिए अभियान जारी
सीआरपीएफ की 199वीं वाहिनी ने कहा है कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। भविष्य में भी खुफिया सूचनाओं के आधार पर नक्सल विरोधी अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएंगे।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से छिपाकर रखी गई थी। इस कार्रवाई को नक्सल नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
