भारत ने बाल अधिकारों के हनन और सीमा पार आतंकवाद के लिए पाकिस्तान की कड़ी निंदा की

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में बाल अधिकारों के हनन और सीमा पार आतंकवाद के लिए पाकिस्तान की कड़ी निंदा की है। भारत के संसदीय प्रतिनिधि निशिकांत दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान अपने भयानक रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
श्री दुबे ने कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के बाल और सशस्त्र संघर्ष एजेंडे का गंभीर उल्लंघन किया है। उन्होंने अत्याचारों की एक विस्तृत सूची प्रस्तुत की —
“बच्चों पर हमले, लड़कियों के स्कूलों को उड़ाना, और अफ़गान सीमा पर गोलाबारी में मासूम बच्चों का मारा जाना पाकिस्तान के अपराध हैं।”
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की सीमा के भीतर बच्चों के खिलाफ गंभीर दुर्व्यवहार के कई मामले दर्ज हैं।
श्री दुबे ने जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का भी उल्लेख किया और 22 अप्रैल के पहलगाम हमले का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष लोगों की जान गई थी।
उन्होंने कहा कि भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अपने नागरिकों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक वैध कार्रवाई थी।
दुबे ने पाकिस्तान से आह्वान किया कि वह दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और आतंकवाद का समर्थन बंद करे।






