नेपाल में चीनी कंपनी के खिलाफ फूटा गुस्सा: सड़क निर्माण में देरी पर पूर्व-पश्चिम राजमार्ग जाम

नेपाल के Golbazar Municipality में सड़क निर्माण में लगातार हो रही देरी के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज नागरिकों ने शुक्रवार को पूर्व-पश्चिम राजमार्ग जाम कर चीनी निर्माण कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया।

कंचनपुर–कमला सड़क विस्तार परियोजना में कथित सुस्ती को लेकर लोगों ने विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि China Railway No. 2 Engineering Group को ठेका मिले करीब सात साल बीत चुके हैं, लेकिन सड़क निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और नेताओं ने करीब डेढ़ घंटे तक राजमार्ग अवरुद्ध रखा। लोगों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही सड़क कीचड़ में बदल जाती है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और स्कूली छात्रों सहित आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ती है।

स्थानीय निवासी दिनेश नायक के मुताबिक, बारिश के दौरान सड़क पर गंदगी और कीचड़ बढ़ने से त्वचा रोग जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी सामने आ रही हैं। वहीं स्थानीय नेता प्रमेश्वर साह ने कहा कि प्रदर्शन के बाद चीनी कंपनी के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बातचीत पर सहमति बनी, जिसके बाद राजमार्ग खोला गया। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के अंतर्गत लहान, गोलबजार और मिर्चैया जैसे बाजार क्षेत्रों में अधूरी सड़क के कारण लंबे समय से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।

करीब 86.83 किलोमीटर लंबी कंचनपुर–कमला सड़क परियोजना Asian Development Bank की ऋण सहायता से बनाई जा रही है। नेपाल सरकार और चीनी कंपनी के बीच मई 2020 में हुए समझौते के अनुसार यह परियोजना नवंबर 2023 तक पूरी होनी थी, लेकिन अब तक केवल 68 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है।

लगातार देरी के कारण परियोजना की लागत भी बढ़ गई है। शुरुआती अनुमान के मुकाबले करीब 3 अरब नेपाली रुपये अतिरिक्त खर्च हो चुका है। कुल 15 अरब 66 करोड़ नेपाली रुपये लागत वाली इस परियोजना में एडीबी की 71.22 प्रतिशत और नेपाल सरकार की 28.78 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

अधिकारियों के मुताबिक, धीमी कार्यशैली, वित्तीय संकट, कोरोना महामारी, पेड़ कटान में देरी और बिजली के खंभे हटाने जैसी वजहों से काम लगातार प्रभावित हुआ है। अब परियोजना की समयसीमा चौथी बार बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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