नेपाल संसद में मातृभाषाओं की गूंज: नए सांसद संस्कृत, मैथिली, भोजपुरी समेत 11 भाषाओं में लेंगे शपथ

नेपाल की संसद में इस बार एक खास और ऐतिहासिक पहल देखने को मिलेगी, जहां 24 नवनियुक्त सांसद अपनी मातृभाषा में शपथ लेंगे। इन सांसदों ने संस्कृत, मैथिली, भोजपुरी, अवधी समेत कुल 11 अलग-अलग भाषाओं में शपथ लेने की जानकारी संसदीय सचिवालय को दी है।

संसदीय सचिवालय के अनुसार, यह शपथ ग्रहण समारोह 26 मार्च को दोपहर 2 बजे आयोजित होगा। इससे पहले 25 मार्च को प्रोटेम स्पीकर का शपथ ग्रहण राष्ट्रपति भवन में होगा।

11 भाषाओं में होगी शपथ

इस बार शपथ ग्रहण समारोह में विविधता की झलक देखने को मिलेगी। सांसद निम्नलिखित भाषाओं में शपथ लेंगे—

  • संस्कृत
  • मैथिली
  • भोजपुरी
  • मगही
  • अवधी
  • थारू
  • राना थारू
  • तमांग
  • नेवारी
  • डोटेली
  • वान्तावा

संसदीय सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरी के अनुसार, मातृभाषा में शपथ लेने वाले सांसदों की संख्या 24 तक पहुंच गई है, जो देश की भाषाई विविधता को दर्शाती है।

भाषाई विविधता को बढ़ावा

नेपाल में यह कदम न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करता है, बल्कि देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को भी सम्मान देता है। विभिन्न समुदायों की भाषाओं को संसद जैसे उच्च मंच पर स्थान मिलने से समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा।

प्रमुख नाम

मातृभाषा में शपथ लेने वालों में—

  • संस्कृत: खुश्बु ओली
  • मैथिली: उज्जवल कुमार झा, दीपक कुमार साह, प्रमोद महतो, मातृका यादव आदि
  • भोजपुरी: कन्हैया बनिया
  • अवधी: मोहम्मद इश्तियाक राई
  • थारू: गीता चौधरी, प्रमिला गच्छदार
  • नेवारी: अनुष्का श्रेष्ठ, मदन कृष्ण श्रेष्ठ समेत अन्य

लोकतंत्र में नई मिसाल

यह पहल नेपाल में लोकतंत्र के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे यह संदेश जाता है कि देश की विविध भाषाएं और परंपराएं समान रूप से सम्मानित हैं।

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