यूरोपीय संघ परिषद ने 2035 उत्सर्जन-कटौती लक्ष्यों और जलवायु कानून संशोधन पर समझौता किया

यूरोपीय संघ (EU) की परिषद ने घोषणा की है कि सदस्य देश यूरोपीय जलवायु कानून (European Climate Law) में संशोधन पर सहमत हो गए हैं और 2035 के उत्सर्जन-कटौती लक्ष्यों (Emission Reduction Targets) को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से यूरोपीय संघ ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के अपने प्रयासों को और मज़बूत किया है।
दस्तावेज़ के अनुसार, परिषद ने वर्ष 2040 के लिए एक मध्यवर्ती जलवायु लक्ष्य को भी बरकरार रखा है। इसमें 1990 के स्तर की तुलना में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 90 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य शामिल है।
यह दस्तावेज़ यूरोपीय संसद के साथ होने वाली आगामी वार्ताओं के लिए परिषद की आधिकारिक स्थिति तय करता है, जिससे कानून के अंतिम स्वरूप को निर्धारित किया जाएगा। इस समझौते में आयोग के प्रस्तावों में शामिल लचीलेपन के कुछ पहलुओं को और स्पष्ट किया गया है। साथ ही, हर दो वर्ष में प्रगति की निगरानी के लिए मूल्यांकन रिपोर्ट जारी करने की व्यवस्था भी की गई है।
परिषद ने यह भी निर्णय लिया कि यूरोपीय संघ और सदस्य देश ब्राज़ील में होने वाले COP-30 सम्मेलन से पहले एक अद्यतन राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) प्रस्तुत करेंगे, जिसमें नए जलवायु लक्ष्यों और प्रतिबद्धताओं को शामिल किया जाएगा।
गौरतलब है कि यूरोपीय जलवायु कानून, जिसे वर्ष 2021 में आधिकारिक रूप से अपनाया गया था, सभी सदस्य देशों के लिए दो प्रमुख और कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्य निर्धारित करता है —
1️⃣ वर्ष 2050 तक जलवायु तटस्थता (Climate Neutrality) प्राप्त करना, यानी यूरोपीय संघ उतनी ही मात्रा में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित करेगा जितनी वह प्राकृतिक या तकनीकी रूप से अवशोषित कर सके।
2️⃣ वर्ष 2030 तक 1990 के स्तर की तुलना में शुद्ध उत्सर्जन में कम से कम 55 प्रतिशत की कटौती करना।
यह नया समझौता यूरोपीय संघ की हरित विकास नीति (Green Transition Policy) की दिशा में एक और बड़ा कदम है और यह वैश्विक स्तर पर जलवायु कार्रवाई में उसकी अग्रणी भूमिका को और सशक्त करता है।






