जल जीवन मिशन 2.0 के तहत पांच राज्यों को 1,561 करोड़ रुपये जारी

केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन 2.0 के तहत पांच राज्यों को कुल 1,561.53 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
केंद्रीय कैबिनेट से 10 मार्च को मंजूरी मिलने के बाद यह राशि आवश्यक शर्तें पूरी करने पर राज्यों को दी गई है।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अनुसार उत्तर प्रदेश को 792.93 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ को 536.53 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 154.02 करोड़ रुपये, ओडिशा को 65.31 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र को 12.74 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
कैबिनेट ने जल जीवन मिशन 2.0 के लिए कुल 8.69 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 3.59 लाख करोड़ रुपये है। यह 2019-20 की तुलना में काफी अधिक है।
नया ढांचा सेवा-आधारित मॉडल पर केंद्रित है, जिसमें स्थायी और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संरचनात्मक सुधार किए गए हैं।
फंड जारी करने से पहले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कई अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होती हैं, जिनमें सुधार आधारित एमओयू पर हस्ताक्षर, योजनाओं का जीआईएस आधारित सत्यापन, तकनीकी अनुपालन प्रमाणपत्र और वित्तीय समायोजन शामिल हैं।
हाल ही में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने राज्यों के मंत्रियों के साथ बैठक कर मिशन के रोडमैप पर चर्चा की थी और कहा था कि इसकी सफलता राज्यों की जवाबदेही पर निर्भर करेगी।
इस मिशन का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक देश के सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण घरों को नल से जल उपलब्ध कराना है। इसके लिए समयबद्ध योजनाओं, स्थायित्व और सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सरकार के अनुसार अब तक 12 राज्यों ने सुधार आधारित एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं और ‘हर घर जल’ लक्ष्य की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।






