Nepal के मधेश-मिथिला में सतुवाइन और जुड शीतल पर्व की धूम, परंपराओं के साथ मनाया उत्सव

Nepal में नववर्ष के उत्साह के बीच मधेश और मिथिला क्षेत्रों में पारंपरिक पर्व सतुवाइन और जुड शीतल धूमधाम से मनाए जा रहे हैं। यह पर्व क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं की विशेष पहचान माने जाते हैं।
सतुवाइन पर कुलदेवता की पूजा
सतुवाइन के अवसर पर लोग अपने कुलदेवता की पूजा कर सतुवा अर्पित करते हैं। चना, गेहूं, मक्का और जौ से तैयार किया गया सतुवा इस पर्व का मुख्य प्रसाद होता है, जिसे पूजा के बाद परिवार और समाज में बांटा जाता है।
जुड शीतल की परंपरा
सतुवाइन के अगले दिन मनाए जाने वाले जुड शीतल पर्व में घर के ज्येष्ठ सदस्य छोटे सदस्यों के सिर पर पानी छिड़ककर उन्हें स्वास्थ्य, शांति और दीर्घायु का आशीर्वाद देते हैं। यह परंपरा परिवारिक एकता और स्नेह का प्रतीक है।
पारंपरिक व्यंजनों का विशेष महत्व
इस अवसर पर चना-बदाम का सतुवा, दाल, मनुंगा (साग) की सब्जी, बदाम की बरी और दही से बने व्यंजन बनाए जाते हैं। साथ ही खेतों और पेड़-पौधों को पानी देकर हरियाली और उर्वरता की कामना की जाती है।
भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
मधेश और मिथिला की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े ये पर्व सभी समुदायों द्वारा आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाए जाते हैं। यह त्योहार न केवल परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।






