नेपाल इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक के CEO ज्योति प्रकाश पाण्डे गिरफ्तार, ठगी मामले में कार्रवाई

Jyoti Prakash Pandey, जो Nepal Investment Mega Bank Limited के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं, को ठगी और आपराधिक विश्वासघात के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। नेपाल पुलिस ने उन्हें बुधवार सुबह काठमांडू के बाहर सिन्धुली जिले के बसपार्क से हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय पाण्डे मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर फरार होने की कोशिश कर रहे थे। Central Investigation Bureau (सीआईबी) के प्रमुख एआईजी मनोज केसी ने बताया कि मदन भण्डारी राजमार्ग पर वाहन जांच के दौरान सुबह करीब 8 बजे उन्हें पकड़ा गया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला Smart Telecom की संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़ा है। स्मार्ट टेलीकॉम को नेपाल में दूरसंचार सेवा संचालन का लाइसेंस मिला था, लेकिन नियमानुसार लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने के कारण उसका लाइसेंस स्वतः रद्द हो गया था। इसके बाद कंपनी की दूरसंचार संरचनाएं, नेटवर्क और अन्य संपत्तियां नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के नियंत्रण में चली गई थीं।

आरोप है कि नेपाल इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक ने कर्ज वसूली के नाम पर स्मार्ट टेलीकॉम की संपत्तियों को एक अन्य कंपनी को बेच दिया। सीआईबी का आरोप है कि यह कार्रवाई सरकारी नियंत्रण वाली संपत्ति को बेईमानीपूर्वक बेचने और सरकार के अधिकारों को नुकसान पहुंचाने की मंशा से की गई।

पुलिस के अनुसार, लोन रिकवरी कमेटी के अध्यक्ष के रूप में ज्योति प्रकाश पाण्डे की भूमिका भी जांच में सामने आई है। उन पर ठगी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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