नेपाल को भारत ने भेजी राहत सामग्री: 11,993 लोगों का रेस्क्यू; अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत

काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बाढ़ राहत के लिए भारत, चीन और अमेरिका का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में कई देशों ने नेपाल की मदद की।
PM शाह ने कहा- “अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। वहीं, कम से कम 3,916 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। घटना के अगले दिन मंत्रियों की एक टीम प्रभावित इलाकों में पहुंची। इस मुश्किल समय में भारत, चीन और अमेरिका समेत कई देशों ने नेपाल की मदद की। कई बैंकों ने भी सहयोग दिया।”
नेपाल में भोतेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बाढ़ में अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। शाह ने बताया कि 11,993 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। वहीं, 3,916 से ज्यादा लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री
भारत ने नेपाल में राहत अभियान के लिए कई खेपों में सामान भेजा है। इसमें कंबल, स्लीपिंग बैग और तिरपाल जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। भारत ने दवाएं, खाने के पैकेट, सोलर लैंप और पानी साफ करने वाली टैबलेट भी भेजी हैं। भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कई उड़ानें संचालित की हैं। भारत ने विशेषज्ञ टीमों को भी नेपाल भेजा है। ये टीमें राहत और बचाव कार्य में स्थानीय अधिकारियों की मदद कर रही हैं।

चीन ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग किया है। तिब्बत की तरफ बचाव कार्य लगातार जारी है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़क को भी दोबारा खोल दिया गया है। इससे भारी मशीनों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने में मदद मिली है।
नेपाल को आर्थिक मदद की जरूरत
नेपाल सरकार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक मदद जुटाने की कोशिश कर रही है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि आपदा के बाद मिलने वाली मदद को सिर्फ दान नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने इसे बड़ी जिम्मेदारी के तौर पर देखने की बात कही। नेपाल सरकार का कहना है कि बाढ़ से सड़कों, गांवों और बिजली परियोजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ है।