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नेपाल में बाढ़ से तबाही: 9 पुलिसकर्मी लापता, पुल-वाहन बहे; कई जिलों में अलर्ट

काठमांडू। नेपाल के रसुवा जिले में अचानक बाढ़ आ गई। भोटेकोशी नदी का पानी तेजी से बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी में पानी भर गया। कई घर और दुकानें प्रभावित हुई हैं।

तेज बहाव में कई वाहन बह गए। एक पुल भी टूट गया। टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता हैं। बाढ़ के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत
बाढ़ प्रभावित टिमुरे में लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर भेजा गया था। लेकिन वहां का हेलिपैड पानी में बह जाने के कारण हेलिकॉप्टर को वापस काठमांडू लौटना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ और भूस्खलन से इलाके में बड़े नुकसान की आशंका है।

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी नुकसान
बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी आया है। चिलिमे जलविद्युत परियोजना समेत कुछ अन्य प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचने की जानकारी है। अभी कुल नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है।

ग्लेशियर झील टूटने की आशंका
अधिकारियों के मुताबिक, रसुवा मुख्यालय के आसपास भारी बारिश नहीं हुई थी। इसके बावजूद नदी का पानी अचानक बढ़ गया। ऐसी आशंका है कि ऊंचाई वाले इलाके में किसी ग्लेशियर झील का पानी अचानक बाहर निकला हो। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।

कई जिलों में लोगों को अलर्ट किया
भोटेकोशी के बाद त्रिशूली नदी में भी पानी बढ़ने का खतरा है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन ने खतरा बढ़ने पर लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी है।

सेना और राहत टीमें तैनात
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल टीम, एंबुलेंस और अन्य राहत दल भी प्रभावित इलाकों में भेजे जा रहे हैं।

पिछले साल भी आई थी बाढ़
भोटेकोशी नदी तिब्बत से नेपाल में प्रवेश करती है और आगे सुनकोशी नदी में मिलती है। पिछले साल भी इस नदी में बाढ़ आई थी। उस दौरान 9 लोगों की मौत हुई थी और 24 लोग लापता हुए थे। नेपाल-चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज भी बह गया था।

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