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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सर्वदलीय बैठक की मांग, खरगे ने रिजिजू को लिखा पत्र

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किरण रिजिजू को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ के क्रियान्वयन को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग दोहराई है।

इस पत्र पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव समेत 10 से अधिक विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं।

खड़गे ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि उन्होंने 16 मार्च 2026 को भी रिजिजू को इसी विषय पर पत्र लिखा था, जिसमें प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की गई थी। विपक्ष का कहना है कि सरकार अब सितंबर 2023 में पारित इस संवैधानिक संशोधन में एक और बदलाव की योजना बना रही है, जिस पर व्यापक चर्चा आवश्यक है।

खड़गे ने सुझाव दिया कि बैठक को प्रभावी बनाने के लिए सरकार पहले एक विस्तृत नोट जारी करे, जिसमें प्रस्तावित संशोधनों और क्रियान्वयन की रूपरेखा स्पष्ट की जाए। उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि विधानसभा चुनावों के मौजूदा दौर के बाद 29 अप्रैल को यह बैठक आयोजित की जा सकती है।

इससे पहले रिजिजू ने अपने पत्र में कहा था कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला ऐतिहासिक कदम है और इसे लागू करने के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति जरूरी है।

हालांकि, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि यह कानून सितंबर 2023 में बिना सर्वसम्मति के पारित किया गया था और अब इसके क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए सभी दलों को साथ लेकर चलना आवश्यक है। विपक्ष का मानना है कि इस विषय पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए जरूरी कदम होगा।

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