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मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का जोर, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी आंधी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और बीते 24 घंटों के दौरान 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है।

7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा प्रदेश के 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश के आसार

राजधानी भोपाल, इंदौर, रायसेन, राजगढ़, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।

हालांकि आलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम जिलों में मौसम का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना जताई गई है।

तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के ऊपर एक साथ तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्री-मानसून गतिविधियों को बल मिला है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यही कारण है कि जून के शुरुआती सप्ताह में ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।

तापमान में आई बड़ी गिरावट

लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रदेश के अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है।

शुक्रवार को श्योपुर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी के 34.2 डिग्री सेल्सियस तापमान से भी कम रहा।

वहीं भोपाल में 35.5 डिग्री, इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि खरगोन, खंडवा, नरसिंहपुर, खजुराहो और छिंदवाड़ा में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया।

20 से 22 जून के बीच पहुंच सकता है मानसून

मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से कुछ दिन देरी से पहुंच सकता है। प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार केरल में मानसून 4 जून को पहुंच चुका है और सामान्य परिस्थितियों में वहां पहुंचने के लगभग 15 दिन बाद मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करता है।

अगले कुछ दिन मिलेगी गर्मी से राहत

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्री-मानसून सिस्टम फिलहाल सक्रिय बना रहेगा। इसके चलते आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है।

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