|

मप्र के सत्य साईं विश्वविद्यालय पर फर्जी डिग्री मामले में राजस्थान एसओजी की छापेमारी

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित सत्य साईं विश्वविद्यालय एक बड़े फर्जी डिग्री कांड के चलते जांच के घेरे में आ गया है। राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर और उससे जुड़े अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया।

यह कार्रवाई राजस्थान में वर्ष 2020 की पीटीआई (फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) भर्ती प्रक्रिया के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद की गई है। जांच में कुल 67 अभ्यर्थियों की डिग्रियां संदिग्ध पाई गई थीं, जिनका उपयोग सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए किए जाने की आशंका है।

यूनिवर्सिटी कैंपस और मालिक के आवास पर दबिश

राजस्थान से आई एसओजी की विशेष टीम ने सीहोर स्थित सत्य साईं विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ विश्वविद्यालय के मालिक के आवास पर भी छापा मारा। इस दौरान छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेज, प्रवेश रिकॉर्ड, परीक्षा प्रणाली और डिग्री जारी करने से जुड़े अभिलेखों की गहन जांच की गई।

यह कार्रवाई बुधवार से शुरू होकर गुरुवार तक चली, जिसमें बड़ी संख्या में फाइलें, रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेज खंगाले गए। एसओजी अधिकारियों के अनुसार कई दस्तावेज आपस में मेल नहीं खा रहे हैं, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका और गहरी हो गई है।

बैक डेट में डिग्री जारी करने का संदेह

मामले की जांच कर रहे राजस्थान एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मेश्राम ने बताया कि जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ डिग्रियां बैक डेट में तैयार की गई थीं। इनका उपयोग 2020 की पीटीआई भर्ती में किया गया, जिससे अयोग्य अभ्यर्थियों को नौकरी मिलने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा पूर्व में कई बार विश्वविद्यालय से संबंधित रिकॉर्ड मांगे गए थे, लेकिन समय पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी आधार पर संदेह गहराने पर एसओजी ने सीधे छापेमारी कर जांच शुरू की।

यूनिवर्सिटी प्रबंधन का अस्पष्ट जवाब

बुधवार शाम राजस्थान से आई विशेष टीम के पहुंचने की पुष्टि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने की है, लेकिन जांच के उद्देश्य को लेकर स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया। यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि मुकेश तिवारी और अंकित जोशी ने इसे केवल दस्तावेज सत्यापन की सामान्य प्रक्रिया बताया, हालांकि यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि जांच किस प्रकरण में और किस एजेंसी के निर्देश पर हो रही है।

जांच जारी, खुलासों की संभावना

फिलहाल एसटीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम फर्जी डिग्री रैकेट की गंभीरता से जांच कर रही है। विश्वविद्यालय से जुड़े सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में बड़े खुलासे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

Share

Similar Posts