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मप्र विधानसभा में आधी रात खुला सचिवालय, Jitu Patwari के आरोपों से बढ़ी सियासत, Rajendra Bharti की विधायकी पर संकट

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में गुरुवार देर रात विधानसभा सचिवालय खुलने को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari रात करीब 11 बजे अचानक विधानसभा पहुंचे। उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता PC Sharma भी मौजूद थे।

विधानसभा पहुंचते ही पटवारी प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के चेंबर में पहुंचे और आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक Rajendra Bharti की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए देर रात सचिवालय खोला गया। उन्होंने इसे भाजपा के इशारे पर की जा रही कार्रवाई बताया।

देर रात बढ़ी सियासी हलचल

सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट के फैसले के बाद रात करीब साढ़े 10 बजे विधानसभा सचिवालय में गतिविधियां शुरू हुईं। प्रमुख सचिव के पहुंचने के बाद सचिवालय खोला गया और विधायक की सीट रिक्त घोषित करने की प्रक्रिया पर काम शुरू होने की चर्चा रही।

कांग्रेस नेताओं के पहुंचने के बाद माहौल और गरमा गया। कुछ देर बाद प्रमुख सचिव कार्यालय से निकल गए। इसके बाद मीडिया से बातचीत में Jitu Patwari ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, दतिया से कांग्रेस विधायक Rajendra Bharti को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एफडी फर्जीवाड़े के मामले में 3 साल की सजा सुनाई है। यह मामला उस समय का है जब वे जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे।

आरोपों के अनुसार बैंक रिकॉर्ड और एफडी दस्तावेजों में हेरफेर कर अवधि और ब्याज दर में बदलाव किया गया, जिससे आर्थिक लाभ लिया गया।

सजा के बाद भी राहत

कोर्ट ने सजा सुनाने के साथ ही उन्हें जमानत भी दे दी है, जिससे उन्हें तत्काल जेल नहीं जाना पड़ा। हालांकि कानून के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता रद्द हो सकती है, जिससे उनकी विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है।

कांग्रेस का आरोप और आगे की रणनीति

Jitu Patwari ने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में यह पूरी प्रक्रिया आधी रात को की जा रही है। वहीं PC Sharma ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा सामान्य समय में नहीं चलाई जाती, लेकिन रात में कार्रवाई हो रही है।

सूत्रों के अनुसार, भारती परिवार इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal और Vivek Tankha पैरवी कर सकते हैं।

राजनीतिक महत्व भी बड़ा

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Rajendra Bharti ने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता Narottam Mishra को हराया था।

ऐसे में यह पूरा घटनाक्रम न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, जिस पर प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

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