राजमिस्त्री की बेटी मोनिखा सोनोवाल ने रचा इतिहास, दर्द और संघर्ष के बीच जीता वेटलिफ्टिंग गोल्ड

सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच सपनों को सच करने की कहानी बनकर उभरी हैं Monikha Sonowal। 19 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी ने पहले Khelo India Tribal Games 2026 में महिलाओं के 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।


🏆 पिता के संघर्ष से मिली प्रेरणा

मोनिखा के पिता पद्मधर सोनोवाल एक राजमिस्त्री हैं, जो परिवार का पालन-पोषण करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
मोनिखा ने अपनी जीत के तुरंत बाद उन्हें फोन कर यह खुशखबरी देने की कोशिश की—लेकिन वे उस समय काम में व्यस्त थे।

असम के Dhemaji district के एक छोटे से गांव से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।


💪 चोट के बावजूद जीता गोल्ड

इस जीत को खास बनाता है मोनिखा का जज़्बा—

  • पिछले 3 महीनों से घुटने की चोट से जूझ रही थीं
  • कोच ने खेलने से मना किया था
  • फिर भी बड़े मंच का मौका नहीं छोड़ा

मोनिखा ने कहा:
“ऐसे मौके बार-बार नहीं आते, मैं इसे खोना नहीं चाहती थी।”


🌟 मीराबाई चानू से मिली प्रेरणा

मोनिखा की प्रेरणा बनीं Mirabai Chanu, जिनकी उपलब्धियों ने उन्हें वेटलिफ्टिंग की ओर आकर्षित किया।

बारबेल की आवाज से शुरू हुआ सपना आज गोल्ड मेडल में बदल चुका है।


🏋️‍♀️ SAI सेंटर से मिला नया मुकाम

उनके करियर का बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्हें Sports Authority of India के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ईटानगर में प्रशिक्षण का मौका मिला।

यहां उन्हें मिला:

  • प्रोफेशनल ट्रेनिंग
  • बेहतर पोषण
  • चोट से उबरने की सुविधा
  • विशेषज्ञ मार्गदर्शन

📈 लगातार बेहतर होता प्रदर्शन

मोनिखा की उपलब्धियां:

  • 2023: स्कूल नेशनल्स – 🥇 स्वर्ण
  • 2024: खेलो इंडिया अस्मिता लीग – 🥈 रजत
  • 2025: राज्य चैंपियनशिप – 🥉 कांस्य
  • इंटर यूनिवर्सिटी – टॉप 8
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