शूटिंग लीग ऑफ इंडिया: सक्रिय निशानेबाज़ों की अनोखी फ्रेंचाइज़ी बनी मुंबई एक्स कैलिबर्स

भारतीय खेल जगत में फ्रेंचाइज़ी मॉडल आमतौर पर कॉरपोरेट निवेश और बोर्डरूम रणनीतियों तक सीमित रहा है, लेकिन शूटिंग लीग ऑफ इंडिया (SLI) में उतरने जा रही मुंबई एक्स कैलिबर्स इस पारंपरिक सोच को पूरी तरह बदल रही है। इस फ्रेंचाइज़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके तीनों मालिक खुद सक्रिय निशानेबाज़ हैं—जो भारतीय पेशेवर खेलों में अब तक एक अभूतपूर्व उदाहरण माना जा रहा है।


🎯 खिलाड़ी भी, मालिक भी

मुंबई एक्स कैलिबर्स के सह-मालिक रोनक पंडित, जिन्होंने 2006 राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल (पेयर) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था, इन दिनों दिल्ली में आयोजित 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में अपने सह-मालिक जाहिर हवा के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

फ्रेंचाइज़ी के तीसरे सह-मालिक फैयाज़ विरानी भी भारतीय निशानेबाज़ी जगत का जाना-पहचाना नाम हैं। इस तरह खिलाड़ी और मालिक—दोनों भूमिकाओं में सक्रिय रहना भारतीय खेलों में पहली बार देखने को मिल रहा है।


💬 जाहिर हवा: “खेल से जुड़े रहने का यह सबसे बेहतर तरीका”

25 वर्षों से अधिक समय से शूटिंग से जुड़े जाहिर हवा के लिए इस लीग में निवेश करना एक स्वाभाविक कदम था। उन्होंने कहा:

“जैसे ही मैंने लीग के बारे में सुना, मैंने तय कर लिया कि इसका हिस्सा बनना है। शूटिंग से मेरा गहरा लगाव है। इस उम्र में खेल से जुड़े रहने और उसे कुछ लौटाने का यह सबसे बेहतर तरीका है।”


🏆 लीग का मकसद सिर्फ टूर्नामेंट नहीं

रोनक पंडित के मुताबिक, शूटिंग लीग ऑफ इंडिया केवल कुछ दिनों की प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा:

“यह लीग केवल दो हफ्तों के टूर्नामेंट के बारे में नहीं है। यह शूटिंग को ज्यादा सुलभ बनाने और टैलेंट पूल को बड़ा करने का मंच है, ताकि लंबे समय में इसका फायदा खिलाड़ियों को मिले।”


🌆 मुंबई की पहचान बनेगी टीम की ताकत

मुंबई एक्स कैलिबर्स के मालिक चाहते हैं कि फ्रेंचाइज़ी सिर्फ एक टीम न होकर मुंबई शहर की आत्मा और ऊर्जा को दर्शाए।

जाहिर हवा ने कहा:

“टीम को अपने शहर की आत्मा को दर्शाना चाहिए। मुंबई की अपनी एक ऊर्जा और महत्वाकांक्षा है, जिसे हम फ्रेंचाइज़ी के हर पहलू में दिखाना चाहते हैं।”

इस पर आगे बोलते हुए रोनक पंडित ने कहा:

“फैंस सिर्फ जीत के लिए नहीं, बल्कि शहर, भाषा, रंग और मूल्यों से जुड़ाव के कारण टीम को सपोर्ट करते हैं। हमारी पहचान के केंद्र में मुंबई की संस्कृति और वाइब है।”


🔫 नाम के पीछे की कहानी

टीम के अनोखे नाम के पीछे भी दिलचस्प कहानी है।
रोनक पंडित ने बताया:

“‘एक्स कैलिबर्स’ नाम जाहिर हवा की बेटी ने सुझाया था। ‘एक्सकैलिबर’ एक पौराणिक तलवार है, जबकि ‘कैलिबर’ शूटिंग से जुड़ा शब्द है। दोनों विचारों का मेल हमें पसंद आया और यहीं से ‘मुंबई एक्स कैलिबर्स’ नाम सामने आया।”


🧠 सक्रिय खिलाड़ी होने का फायदा

खुद सक्रिय निशानेबाज़ होने के कारण फ्रेंचाइज़ी मालिक खेल की बारीकियों को गहराई से समझते हैं—चाहे वह दबाव हो, फॉर्मेट हो या खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति।

जाहिर हवा ने कहा:

“क्योंकि हम अब भी खेल रहे हैं, हमें पता है कि अलग-अलग हालात में खिलाड़ी कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। इसके फायदे और नुकसान दोनों हैं, लेकिन यह हमें थोड़ी बढ़त जरूर देता है।”

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