माइक्रोसॉफ्ट ने 40 साल बाद ‘ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ’ को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया

एक और 1980 के दशक की पहचान अब इतिहास बन गई है — जैसे कि पुडिंग पॉप्स और बेनेटन स्वेटर। माइक्रोसॉफ्ट ने आधिकारिक रूप से ‘ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ’ (BSOD) को बंद करने का फैसला लिया है, जो पिछले 40 वर्षों से विंडोज़ यूज़र्स को सिस्टम क्रैश की बुरी खबर देता आ रहा था।

अब इसकी जगह लेगी नई ‘ब्लैक स्क्रीन ऑफ डेथ’, जिसमें पहले की तरह उदास इमोजी चेहरा 🙁  नहीं होगा। 1985 में पहले विंडोज़ वर्ज़न के साथ आई ब्लू स्क्रीन, सिस्टम फेल होने पर कंप्यूटर पर दिखाई देती थी और इसमें टेक्स्ट के साथ एक फ्रोनी फेस बना होता था।

माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि विंडोज़ 11 के नए वर्ज़न 24H2 में इस साल गर्मियों से यह नई स्क्रीन दिखाई देगी। इसे कंपनी ने “अनपेक्षित रिस्टार्ट के लिए सरल यूआई” बताया है, जो सिस्टम क्रैश के बाद स्क्रीन पर स्टॉप कोड और दोषपूर्ण ड्राइवर की जानकारी देगा। इससे आईटी एडमिन क्रैश के कारण को तेज़ी से समझ सकेंगे, बिना किसी एडवांस डिबगिंग टूल के।

यह बदलाव केवल स्क्रीन के रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Windows Resiliency Initiative का हिस्सा है — जिसका उद्देश्य विंडोज़ सिस्टम की मजबूती और सुरक्षा को बेहतर बनाना है। यह पहल 2024 में हुई CrowdStrike आउटेज के बाद शुरू हुई, जिसमें लाखों डिवाइसेज़, बिज़नेस, एयरपोर्ट्स और सरकारी सेवाएं प्रभावित हुई थीं।

माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य है कि क्रैश के बाद सिस्टम सिर्फ 2 सेकंड में रिकवर हो सके। अपने ब्लॉग में कंपनी ने कहा कि यह बदलाव यूज़र्स को बेहतर अनुभव देने और तेज़ रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।

गौरतलब है कि ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ खुद एक पॉप-कल्चर आइकन बन चुकी थी — इसके नाम पर Reddit पर सबरेडिट हैं, और इसकी प्रिंटेड टी-शर्ट्स तक बनाई जाती थीं। अब यह 40 साल बाद डिजिटल इतिहास का हिस्सा बन गई है।

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