| |

सहकार का उत्कृष्ट उदाहरण बना ‘प्रगति’, विकास कार्यों को मिली नई गति

प्रधानमंत्री के सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन का प्रमुख मंच ‘प्रगति’ (PRAGATI) अपनी 50वीं सफल बैठक के साथ एक अहम उपलब्धि के मुकाम पर पहुंच गया है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह मंच आज सहकारी शासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है, जिसने देश में विकास कार्यों को नई गति दी है।

प्रगति मंच के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वयं प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं और जन शिकायतों की प्रत्यक्ष और वास्तविक समय में समीक्षा करते हैं। इस व्यवस्था ने न केवल परियोजनाओं में होने वाली देरी के कारणों को दूर करने में मदद की है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी पहले से कहीं अधिक तेज और प्रभावी बनाया है।

यह डिजिटल प्लेटफॉर्म केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों को एक ही मंच पर जोड़ता है। इससे अंतर-सरकारी समन्वय मजबूत हुआ है और वर्षों से अटकी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सफलता मिली है।

पिछले एक दशक से अधिक समय में प्रगति ने जवाबदेही की एक मजबूत संस्कृति विकसित की है। अधिकारियों और विभागों के लिए तय समय-सीमा में कार्य पूरा करना प्राथमिकता बन गया है, जिससे देश के बुनियादी ढांचे, परिवहन, ऊर्जा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रगति मंच केवल एक समीक्षा तंत्र नहीं, बल्कि डिजिटल गवर्नेंस और सहकारी संघवाद का सशक्त मॉडल है। इसी वजह से इसे भारत में सुशासन और विकास के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Share

Similar Posts