तेजाब, धमकियां और पलायन: बंगाल छोड़ने को मजबूर परिवार
Bhopal में रह रहे एक परिवार ने पश्चिम बंगाल छोड़ने के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं। कभी कोलकाता में सामान्य जीवन जीने वाली रंजीता प्रमाणिक का दावा है कि राजनीतिक सक्रियता के कारण उन्हें और उनके परिवार को हिंसा, धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद अगस्त 2021 में उन्हें रातों-रात शहर छोड़ना पड़ा।
रंजीता, जो खुद को भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व कार्यकर्ता बताती हैं, का कहना है कि राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ने के बाद उनके परिवार को लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि रास्ते में छेड़खानी, घर पर पथराव और धमकियां आम हो गई थीं। परिवार के अनुसार, 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हालात और बिगड़ गए।
रंजीता ने दावा किया कि एक धार्मिक अवसर पर घर से बाहर निकलने के दौरान उन पर तेजाब से हमला किया गया। उनके मुताबिक, चेहरा तो बच गया लेकिन शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह झुलस गया, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई और अब वे व्हीलचेयर पर निर्भर हैं।
परिवार का यह भी आरोप है कि कानूनी कार्रवाई के दौरान उन्हें केस वापस लेने के लिए धमकियां दी गईं। रंजीता का कहना है कि परिवार की सुरक्षा को लेकर डर इतना बढ़ गया कि उन्हें मामला वापस लेना पड़ा। इसके बाद परिवार ने कोलकाता छोड़ दिया और इलाज के लिए जयपुर, वाराणसी और वृंदावन सहित कई शहरों में भटकता रहा।
कई वर्षों की आर्थिक और चिकित्सीय परेशानियों के बाद परिवार फिलहाल भोपाल में किराए के मकान में रह रहा है। परिवार का कहना है कि स्थानीय सामाजिक संगठनों और लोगों की मदद से उन्हें राशन, दस्तावेज और रहने की व्यवस्था मिल सकी।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष या प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परिवार का कहना है कि पश्चिम बंगाल लौटने का डर आज भी उनके मन में बना हुआ है और वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते।






