ब्रिटेन की पहली महिला ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता मैरी रैंड का निधन, 86 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

ब्रिटेन की महान एथलीट मैरी रैंड का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह ओलंपिक इतिहास में एक ही खेलों में तीन पदक जीतने वाली पहली ब्रिटिश महिला थीं और उनकी उपलब्धियां आज भी खेल जगत के लिए प्रेरणा हैं।
🥇 टोक्यो ओलंपिक 1964 में रचा इतिहास
टोक्यो ओलंपिक 1964 में मैरी रैंड ने अद्भुत प्रदर्शन करते हुए—
- लंबी कूद में स्वर्ण पदक
- पेंटाथलॉन में रजत पदक
- 4×100 मीटर रिले में कांस्य पदक
जीतकर इतिहास रच दिया था।
उन्होंने लंबी कूद में 6.76 मीटर की छलांग लगाकर उस समय विश्व रिकॉर्ड भी बनाया, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी गई।
🌟 कम उम्र में ही बनीं स्टार
मैरी रैंड ने मात्र 17 वर्ष की उम्र में पेंटाथलॉन में अपना पहला ब्रिटिश रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत की और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन किया।
🇬🇧 ब्रिटिश एथलेटिक्स की प्रेरणा
यूके एथलेटिक्स ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रैंड अपने करियर की शुरुआत से ही एक “ट्रेलब्लेज़र” थीं।
उनकी जीत ने पूरी ब्रिटिश टीम को प्रेरित किया, जिसके परिणामस्वरूप उस ओलंपिक में टीम ने कुल 12 पदक हासिल किए।
🗣️ साथियों ने भी किया याद
उनकी साथी और 800 मीटर ओलंपिक चैंपियन एन पैकर ने कहा था कि मैरी की जीत ने पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया था और वह सभी के लिए प्रेरणा बनीं।






