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महू के रेलवे अंडरपास में हर साल भरता है पानी; कई ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुआ समाधान; युवाओं ने किया प्रदर्शन

महू। ग्राम तीही में 2014 से बना रेलवे अंडरपास ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। हर मानसून में अंडरपास में घुटनों तक पानी भर जाता है।

इससे हजार छात्र-छात्राएं और हजारों नौकरीपेशा ग्रामीण रोज खराब पानी में से निकलते हैं। लंबे समय से हो रही अनदेखी से नाराज युवाओं और ग्रामीणों ने भारतीय जनता पार्टी, और ‘रेलवे प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाकर विरोध जताया।

स्थानीय निवासी दीपक सेठ की मौजूदगी में युवाओं ने प्रशासन की नाकामी पर गुस्सा जताया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन सरकार’ पर अनदेखी का आरोप लगाया।

उन्होंने भाजपा और रेलवे प्रशासन के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि इतने सालों से परेशानी के बावजूद किसी अधिकारी या नेता ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

सैकड़ों ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुआ काम 
ग्रामीणों के मुताबिक, 2014 से अब तक पंचायत, जनपद और एसडीएम कार्यालय से लेकर भाजपा के बड़े नेताओं तक सैकड़ों ज्ञापन दिए जा चुके हैं। पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद और केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर और क्षेत्रीय विधायक ऊषा ठाकुर को भी इस बारे में बताया गया। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।

15 दिनों में स्थायी हल का दावा किया था 
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) सुबोध कुमार ने पहले अखबारों के जरिए 15 दिनों में जलभराव का स्थायी हल निकालने का दावा किया था। हालांकि, समय सीमा खत्म होने के बाद भी न तो कोई तकनीकी टीम पहुंची और न ही पानी निकालने का काम शुरू हुआ।

रोज हादसों का खतरा
अंडरपास में पानी भरने से रोज हादसों का खतरा बना रहता है। नाराज ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर रेलवे प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने जल्द ही पानी निकालने की स्थायी व्यवस्था नहीं की, तो पूरा गांव एकजुट होकर सड़कों पर उतरेगा और बड़ा आंदोलन करेगा।

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