महापौर के 4 साल पूरे होने पर इंदौर कांग्रेस का प्रदर्शन: खुले चैंबरों पर लगाए पोस्टर; करोड़ों के घोटालों का आरोप

इंदौर। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के चार साल के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को शहरभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर पैदल मार्च और नुक्कड़ सभाएं कर महापौर परिषद पर दूषित पानी, खराब सड़कें, भ्रष्टाचार, करोड़ों रुपये के घोटालों और अधूरी विकास योजनाओं को लेकर निशाना साधा। महापौर का मुखौटा पहनकर किए गए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने दावा किया कि चार वर्षों में शहर की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जबकि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अब भी अधूरी हैं। इसके बाद शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल धाकरे सहित संख्या में कार्यकर्ताओं ने छोटी ग्वालटोली, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, छत्रीबाग, बर्फानी धाम और यशवंत रोड समेत कई क्षेत्रों में पैदल मार्च निकालकर नुक्कड़ सभाएं कीं।
महापौर का मुखौटा पहनकर जताया विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महापौर का मुखौटा पहनकर हाथों में पोस्टर लिए। खुले चैंबरों और टूटी सड़कों पर पोस्टर रखकर नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इसे जन-जागरण अभियान का हिस्सा बताया गया।

दूषित पानी और भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि महापौर परिषद के चार साल के कार्यकाल में इंदौर को दूषित पानी, गड्ढों, बीमारियों और भ्रष्टाचार का शहर बना दिया गया है। उनका कहना था कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से लोगों की मौत हुई, जबकि शहर के कई हिस्सों में आज भी गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें मिल रही हैं।
कांग्रेस ने करोड़ों के घोटालों का भी दावा किया
कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम में कई वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने ड्रेनेज विभाग में 103 करोड़ और 900 करोड़ रुपए के फर्जी बिल भुगतान, राजस्व विभाग में नोटरी के आधार पर 354 संपत्तियों के नामांतरण, मस्टर कर्मचारी वेतन और सड़क निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
रुकी योजनाओं को भी बनाया मुद्दा
कांग्रेस का कहना है कि चार साल में नगर निगम में चार आयुक्त बदले गए, लेकिन शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। जलभराव, मच्छरों का प्रकोप, चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड निर्माण में देरी, 15 हजार स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना और बड़ा नेहरू स्टेडियम, नेहरू पार्क, विश्राम बाग, अटल खेल परिसर तथा स्विमिंग पूल के जीर्णोद्धार कार्यों में देरी को भी महापौर परिषद की विफलता बताया गया।