भोजशाला में साध्वी ऋतंभरा ने की पूजा: कहा- यह स्थान पूरे भारत का नेतृत्व करेगा; युवाओं से अच्छे संस्कार अपनाने की अपील की

धार। धार की ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को साध्वी ऋतंभरा दीदी ने माँ वाग्देवी (सरस्वती) की पूजा की। उन्होंने देश की खुशहाली, शांति और भारतीय संस्कृति को मजबूत बनाने की प्रार्थना की।
पूजा के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि धार की भोजशाला आने वाले समय में देश को संस्कृति और अच्छे संस्कारों की राह दिखाने वाली महत्वपूर्ण जगह बनेगी। उन्होंने कहा कि यह स्थान हमारी पुरानी परंपरा और ज्ञान का प्रतीक है।
युवाओं की भाषा पर जताई चिंता
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि आजकल कई युवा, खासकर कुछ लड़कियां, बातचीत में गाली-गलौज और गलत शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं। यह समाज के लिए अच्छी बात नहीं है।

आधुनिक बनने का मतलब संस्कृति को भूलना नहीं
उन्होंने कहा कि जो युवा अपने अधिकारों और मांगों के लिए आवाज उठा सकते हैं, उन्हें अपनी भाषा और व्यवहार में भी अच्छे संस्कार दिखाने चाहिए। आधुनिक बनने का मतलब अपनी संस्कृति और मर्यादा को भूलना नहीं होना चाहिए।

वाग्देवी की मूर्ति वापस आने की उम्मीद
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि माँ वाग्देवी की मूल प्रतिमा जल्द ही लंदन से वापस धार लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा हमारी संस्कृति और इतिहास से जुड़ी बहुत महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी भाषा, संस्कृति और अच्छे संस्कारों को बचाए रखें और नई पीढ़ी को भी इनसे जोड़ें।
धार की यह भोजशाला, यह स्थान पूरे भारत का नेतृत्व करेगा। ऐसा हमें दिखाई देता है। आज हमारी युवा पीढ़ी, हमारी बेटियां अपशब्दों का उपयोग कर रही है। जिन देवियों को सरकार को विवश करना था कि मां बहन की गालियां देने पर सजा हो। वह खुद गालियां दे रही है। इसलिए देवी अधीर होके कह रही है कि अब मुझे लंदन से चलकर धार आना ही होगा क्योंकि मैं भारत को भारत बनाए रखना चाहती हूं।– साध्वी ऋतंभरा