केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 14वें चरण का शुभारंभ किया, उद्योग निवेश और डिजिटल सुधारों पर जोर

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025 — कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज नई दिल्ली में वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 14वें चरण का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य व्यापार सुगमता को बढ़ावा देना, विविध क्षेत्रों से निवेश आकर्षित करना और उद्योग भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
कोयला मंत्रालय के अनुसार, इस चरण की नीलामी में पहली बार भूमिगत कोयला गैसीकरण (UCG) का प्रावधान शामिल किया गया है, जिससे ऊर्जा उत्पादन में नई तकनीकी संभावनाओं को बल मिलेगा। मंत्रालय ने बताया कि यह कदम देश में स्वच्छ और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।
14वें दौर में पूर्ण और आंशिक रूप से खोजे गए कोयला ब्लॉकों का एक नया सेट पेश किया गया है। इन खदानों के लिए अनुभवी कंपनियों के साथ-साथ नई और प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमों से भागीदारी आमंत्रित की गई है। इससे न केवल कोयला क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
शुभारंभ समारोह के दौरान, कोयला मंत्रालय ने दो महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए —
क्लैम्प (CLAMP) पोर्टल — कोयला भूमि अधिग्रहण, प्रबंधन और भुगतान प्रणाली के रूप में कार्य करेगा।
कोयला शक्ति डैशबोर्ड (Coal Shakti Dashboard) — कोयला उद्योग की पारदर्शिता और डेटा मॉनिटरिंग के लिए विकसित किया गया है।
इन प्लेटफॉर्म्स से कोयला क्षेत्र में डिजिटलीकरण और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय का मानना है कि यह कदम देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Energy Independence) की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
कोयला मंत्री रेड्डी ने कहा कि भारत अब न केवल कोयले का उत्पादक देश है, बल्कि प्रौद्योगिकी आधारित खनन और संसाधन प्रबंधन में भी अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।





