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जदयू सांसद गिरिधारी यादव पर संकट, लोकसभा अध्यक्ष से सदस्यता खत्म करने की मांग

बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है, जहां जदयू सांसद गिरिधारी यादव की लोकसभा सदस्यता पर संकट गहराता नजर आ रहा है। पार्टी ने उनकी सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग
जदयू के संसदीय नेता दिलेश्वर कामत ने लोकसभा अध्यक्ष को आवेदन देकर गिरिधारी यादव की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। पार्टी ने इसे अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया सख्त कदम बताया है।

पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप
कामत ने आरोप लगाया कि गिरिधारी यादव ने

  • पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया
  • अपने बेटे को राजद के टिकट पर चुनाव लड़वाया
  • उसके पक्ष में प्रचार किया

इन गतिविधियों को पार्टी विरोधी माना गया है।

वरिष्ठ नेताओं ने भी दोहराए आरोप
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह पार्टी अनुशासन के खिलाफ खुली बगावत है।

गिरिधारी यादव की सफाई
आरोपों के बीच गिरिधारी यादव ने कहा कि उन्होंने कभी पार्टी के खिलाफ काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष से नोटिस मिलने पर वह अपना पक्ष रखेंगे।

क्या है विवाद की वजह
दरअसल, विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मतदाता विशेष पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसले पर यादव ने पार्टी लाइन से अलग टिप्पणी करते हुए इसे “तुगलकी फरमान” बताया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति भी चर्चा में रही।

अब फैसला लोकसभा अध्यक्ष के हाथ में
इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय अब लोकसभा अध्यक्ष के पास है, जिनके फैसले से गिरिधारी यादव की सदस्यता का भविष्य तय होगा।

यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में नए समीकरण और सियासी हलचल को जन्म दे सकता है।

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