पश्चिम एशिया संकट पर सक्रिय भारत: विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से की बातचीत

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच भारत की कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र के ताज़ा घटनाक्रमों पर विस्तृत चर्चा की।
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई और भविष्य में संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी।
तीसरी बार हुई बातचीत
ईरान और अमेरिका-इज़राइल की संयुक्त सेनाओं के बीच पिछले महीने शुरू हुए संघर्ष के बाद से यह डॉ. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच तीसरी टेलीफोन वार्ता है।
जर्मनी और दक्षिण कोरिया से भी चर्चा
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने जर्मनी के समकक्ष जोहान वाडेफुल और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर बातचीत की।
उन्होंने बताया कि चो ह्यून के साथ उनकी अच्छी चर्चा हुई, जिसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया गया।
ऊर्जा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान से भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि रणनीतिक आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करना चाहिए।






