मिडिल ईस्ट में तनाव तेज: अमेरिका बोला- ईरान के मिसाइल ढांचे को करेंगे तबाह, तेहरान ने हाइफा रिफाइनरी पर हमले का किया दावा

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने कहा है कि उसकी सेना ईरान के मिसाइल उत्पादन से जुड़े बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए अभियान चला रही है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि पिछले 10 दिनों से चल रहा अमेरिकी सैन्य अभियान काफी सफल रहा है और अमेरिकी सैनिक अपेक्षा से भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत कार्रवाई

कैरोलिन लीविट के अनुसार यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल और सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।

उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के दौरान अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान की नौसेना के 50 से अधिक जहाजों को नष्ट कर दिया है। इनमें एक बड़ा ड्रोन कैरियर जहाज भी शामिल है।

व्हाइट हाउस के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को विश्वास है कि इस सैन्य अभियान के लक्ष्य जल्द ही हासिल कर लिए जाएंगे।

ईरान का हाइफा रिफाइनरी पर हमले का दावा

वहीं दूसरी ओर ईरान ने इजराइल के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान के खातम अल-अंबिया सशस्त्र बल मुख्यालय के प्रवक्ता के अनुसार ड्रोन हमलों के जरिए हाइफा स्थित तेल रिफाइनरी और ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया।

ईरान का कहना है कि यह हमला उसके जवाबी सैन्य अभियान की 33वीं लहर का हिस्सा है।

जवाबी कार्रवाई में किया गया हमला

ईरान के मुताबिक यह हमला उसके तेल डिपो और ऊर्जा ठिकानों पर हुए हालिया हमलों के जवाब में किया गया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस सैन्य टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

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