200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया मोड़, जैकलीन फर्नांडिस बनना चाहती हैं सरकारी गवाह

बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। उन्होंने इस केस में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की इच्छा जताई है।
पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान जैकलीन ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना चाहती हैं और इस मामले में सच्चाई सामने लाने में मदद करने के लिए तैयार हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष औपचारिक आवेदन देना होगा। एजेंसी उनके सहयोग और बयान के आधार पर ही तय करेगी कि उन्हें सरकारी गवाह बनाया जाए या नहीं।
कोर्ट ने इस मामले में ईडी को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई की तारीख 20 अप्रैल तय की है। इसके अलावा, जैकलीन को 24 अप्रैल से 25 मई के बीच विदेश यात्रा की अनुमति भी दी गई है, हालांकि उन्हें जांच में सहयोग जारी रखना होगा।
यह मामला 200 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसमें सुकेश चंद्रशेखर को मुख्य आरोपी माना गया है। आरोप है कि उसने जेल में रहते हुए ही ठगी और रंगदारी का बड़ा नेटवर्क चलाया।
ईडी की जांच के अनुसार, सुकेश ने जैकलीन को महंगे तोहफे दिए थे, जिनमें लग्जरी घड़ियां, जूलरी और अन्य कीमती सामान शामिल हैं। एजेंसी का दावा है कि ये सभी चीजें अवैध धन से खरीदी गई थीं।
हालांकि, जैकलीन फर्नांडिस का कहना है कि उन्हें सुकेश की असली पहचान और उसके आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और उन्हें एक बिजनेसमैन बताकर गुमराह किया गया था।
यह मामला अब एक अहम मोड़ पर पहुंच चुका है और आने वाली सुनवाई में इस पर महत्वपूर्ण निर्णय हो सकता है।






