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जबलपुर में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, पांच माह में 14.60 करोड़ का जुर्माना; मशीनें और वाहन जब्त

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले पांच महीनों में 14 करोड़ 60 लाख 34 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों में यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही कई भारी मशीनों और वाहनों को भी जब्त किया गया है।

कलेक्टर Raghvendra Singh ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। जनवरी 2026 से अब तक विभिन्न मामलों में कई प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

खनिज विभाग के अनुसार, अवैध परिवहन के 61 मामलों में वाहनों को जब्त कर 92 लाख 47 हजार 696 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इसके अलावा ई-चेक गेट के माध्यम से चिन्हित 63 वाहनों के संचालकों को ऑनलाइन नोटिस भी जारी किए गए हैं।

अवैध उत्खनन के कुल 8 मामलों में से 6 मामलों में 10 करोड़ 39 लाख 27 हजार 490 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है, जबकि दो मामलों में कार्रवाई अभी जारी है। इस दौरान अवैध खनन में प्रयुक्त 2 पोकलेन मशीन, 4 जेसीबी, 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 3 हाईवा और 3 डंपर जब्त किए गए हैं।

प्रशासन ने अवैध भंडारण के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए गिट्टी, फायरक्ले और मिट्टी के अवैध भंडारण के तीन मामलों में 3 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन अवैध खनन के साथ-साथ उसके भंडारण और परिवहन पर भी सख्त नजर बनाए हुए है।

रेत के अवैध उत्खनन पर कार्रवाई के तहत विभिन्न तहसीलों से बड़ी मात्रा में रेत जब्त की गई। शाहपुरा तहसील के मालकछार गांव से 84 घन मीटर, सिहोरा तहसील के सचुली गांव से 18 घन मीटर, पौड़ा तहसील के खिन्नी गांव से 80 घन मीटर तथा पाटन क्षेत्र से 195 घन मीटर रेत जब्त की गई।

इसके अलावा रेत के अवैध उत्खनन में उपयोग की जा रही सात नावों को भी नष्ट कर दिया गया। ये नावें सचुली, खिरहेनीकलां, मुडता, जुगपुरा और पावला गांवों से बरामद की गई थीं। प्रशासन का कहना है कि नावों को नष्ट करने का उद्देश्य उनके दोबारा उपयोग को रोकना है।

खनिज विभाग ने खनिज पट्टों से संबंधित 52 आवेदनों को भी निरस्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। साथ ही जिले में लेटराइट और आयरन ओर के नए खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए भी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले में खनिज संसाधनों के संरक्षण और राजस्व वृद्धि के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।

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