|

ईरान युद्ध का आठवा दिन, अमेरिका-इज़राइल हमलों में 1,300 से अधिक मौतें, पूरे मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव

अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए सैन्य हमलों का आठवां दिन भी भारी तनाव और लगातार हमलों के बीच गुजर रहा है। संघर्ष अब पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में फैलता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

1,332 से अधिक लोगों की मौत

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 1,332 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार इस संघर्ष में ईरान में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जबकि इज़राइल और अन्य देशों में भी मौतों की खबरें सामने आई हैं।

तेहरान और अन्य शहरों पर हमले जारी

आठवें दिन भी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए। कई जगहों पर विस्फोट और आग की लपटें देखी गईं, जिससे राजधानी में भारी दहशत का माहौल है।

इज़राइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बनाया, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा हो गया है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनका असर कई खाड़ी देशों तक महसूस किया गया। कुछ देशों ने इन हमलों को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से रोकने का दावा किया है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से “बिना शर्त समर्पण” की मांग दोहराई है, जबकि ईरान के नेताओं ने इस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

इस बीच कई देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहे हैं।

वैश्विक असर

विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष केवल ईरान और इज़राइल तक सीमित नहीं रहेगा। तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो यह युद्ध पूरे मध्य-पूर्व में बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।

Share

Similar Posts