होर्मुज नाकाबंदी का असर: Iran नरम, United States भी तैयार—परसों फिर शुरू हो सकती है बातचीत

United States द्वारा Strait of Hormuz समेत Iran के बंदरगाहों की नाकाबंदी का असर अब साफ दिखने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के कड़े फैसले के बाद ईरान का रुख नरम पड़ा है, जिससे दोनों देशों के बीच फिर से बातचीत की संभावना बन गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामाबाद में हुई पिछली शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। नाकाबंदी के साथ ही अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि किसी भी ईरानी जहाज की गतिविधि को सख्ती से रोका जाएगा।
बातचीत फिर शुरू होने के संकेत
अब ताजा घटनाक्रम में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच गुरुवार को बातचीत फिर से शुरू हो सकती है। JD Vance ने कहा कि “गेंद अब ईरान के पाले में है” और अगला कदम तेहरान को उठाना होगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव दिया था, जबकि ईरान ने इसे घटाकर 5 साल करने की बात कही है। इससे दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना बनी हुई है।
मध्यस्थ देशों की सक्रियता
संघर्ष विराम 21 अप्रैल को समाप्त होने से पहले समझौते की कोशिशें तेज हो गई हैं। Pakistan को फिर से संभावित मेजबान के रूप में देखा जा रहा है, जबकि Geneva का नाम भी चर्चा में है।
वैश्विक शक्तियों की भूमिका
इस मामले में Russia ने भी दिलचस्पी दिखाई है। क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने कहा कि राष्ट्रपति Vladimir Putin का ईरान के संवर्धित यूरेनियम को स्वीकार करने का प्रस्ताव अभी भी खुला है।
वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio और अन्य राजनयिकों की क्षेत्रीय नेताओं के साथ बैठकें भी जारी हैं, जिससे इस पूरे संकट के समाधान की दिशा में कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
हाल के हफ्तों में Israel और ईरान के बीच तनाव बढ़ा है। ईरान पर हमलों के बाद Hezbollah ने इजराइल पर मिसाइल हमले किए, जिससे मध्य पूर्व में स्थिति और गंभीर हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह बातचीत सफल रहती है, तो यह न केवल मिडिल ईस्ट संकट को कम करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।






