ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव को ठुकराया, शांति प्रयासों को बड़ा झटका

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच शांति प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। ईरान ने अमेरिका द्वारा पेश किए गए 15 सूत्रीय प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे पश्चिम एशिया संकट और गहराता नजर आ रहा है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान को यह प्रस्ताव मध्यस्थों के माध्यम से प्राप्त हुआ था, लेकिन इसमें रखी गई शर्तों को अत्यधिक बताते हुए इसे अस्वीकार कर दिया गया। अमेरिका के प्रस्ताव में ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने, मिसाइल क्षमता घटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने जैसी मांगें शामिल थीं।
इसके अलावा, प्रस्ताव में क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन कम करने और चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंधों में ढील स्वीकार करने की भी शर्तें रखी गई थीं। ईरान ने इन सभी मांगों को अपने हितों के खिलाफ बताते हुए स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
जवाब में ईरान ने संघर्ष विराम के लिए पांच सूत्रीय प्रति-प्रस्ताव पेश किया है। इसमें तत्काल आक्रामकता और हत्याओं को रोकने, भविष्य में सैन्य कार्रवाई न करने की गारंटी, युद्ध क्षतिपूर्ति का भुगतान और सभी मोर्चों पर शत्रुता समाप्त करने की मांग शामिल है। साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता की पूर्ण मान्यता की भी शर्त रखी है।
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सरकारी टेलीविजन को बताया कि देश युद्ध तभी समाप्त करेगा जब उसकी शर्तें पूरी होंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता में शामिल नहीं है।
इस घटनाक्रम से साफ है कि Iran-US conflict के बीच कूटनीतिक समाधान की राह फिलहाल कठिन होती जा रही है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।






