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ईरान ने इजराइल पर दागीं मिसाइलें, कठोर लहजे में ट्रंप से बातचीत का दावा खारिज

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध लगातार गंभीर होता जा रहा है। Iran ने बुधवार को Israel पर जोरदार मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जबकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बातचीत के दावे को सख्ती से खारिज कर दिया गया।


‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4’ के तहत हमला

ईरान की सेना के विशेष बल Islamic Revolutionary Guard Corps ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4’ के तहत हमले की 80वीं लहर को अंजाम दिया।

इस दौरान:

  • इजराइल के उत्तरी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया
  • रणनीतिक कमांड सेंटर पर मिसाइल हमले हुए
  • ड्रोन के जरिए भी हमला किया गया

तेल अवीव, किर्यात शमोना और बेनी बराक जैसे क्षेत्रों में हमलों की खबरें सामने आई हैं।


अमेरिकी ठिकानों पर भी निशाना

ईरान ने दावा किया कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए, जिनमें:

  • कुवैत
  • जॉर्डन
  • बहरीन

के बेस शामिल हैं।


ट्रंप के दावे को किया खारिज

ईरान के सर्वोच्च सैन्य निकाय Khatam al-Anbiya Central Headquarters ने स्पष्ट कहा कि:

  • अमेरिका के बातचीत के दावे “बेमानी” हैं
  • युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान अपनी शर्तों पर न पहुंचे

उन्होंने कहा कि ईरान “आखिरी सांस तक लड़ाई जारी रखेगा”


युद्ध की पृष्ठभूमि

ईरान के अनुसार:

  • 28 फरवरी से अमेरिका और इजराइल ने सैन्य कार्रवाई शुरू की
  • इसमें ईरान के सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया
  • कई वरिष्ठ कमांडरों की मौत हुई

इसके जवाब में ईरान ने बड़े पैमाने पर जवाबी हमले शुरू किए हैं।


बढ़ता वैश्विक खतरा

इस संघर्ष के कारण:

  • पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ रही है
  • ऊर्जा और तेल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है
  • वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है

आगे क्या?

ईरान के सख्त रुख और लगातार हमलों के चलते युद्ध के जल्द खत्म होने के आसार कम नजर आ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहे, तो यह संघर्ष और व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।

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