भारत में 7 साल बाद ईरानी कच्चे तेल की वापसी, प्रमुख बंदरगाहों पर पहुंचे टैंकर

लगभग सात वर्षों के अंतराल के बाद भारत में ईरान से कच्चे तेल की आपूर्ति फिर शुरू हो गई है। वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में संकट के बीच दो बड़े तेल टैंकर भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचे हैं, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एक क्रूड ऑयल टैंकर पारादीप बंदरगाह (ओडिशा) के पास पहुंचा, जबकि दूसरा टैंकर सिक्का बंदरगाह (गुजरात) के एंकरेज पर लंगर डाल चुका है। दोनों जहाजों में करीब 20-20 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, नेशनल ईरानियन टैंकर कंपनी द्वारा संचालित ‘फेलिसिटी’ नामक जहाज गुजरात तट के पास पहुंचा है, जिसमें मार्च के मध्य में खार्ग द्वीप से लादा गया तेल मौजूद है। वहीं ‘जया’ नामक दूसरा टैंकर फरवरी के अंत में खार्ग द्वीप से तेल लेकर पारादीप तट पर पहुंचा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह खेप पिछले सात वर्षों में भारतीय तट पर पहुंचने वाली पहली ईरानी कच्चे तेल की आपूर्ति है। यह अमेरिका द्वारा हाल ही में दी गई सीमित प्रतिबंध छूट (Sanctions Waiver) के बाद संभव हो पाया है, जिसके तहत पहले से समुद्र में मौजूद ईरानी तेल को बेचने की अनुमति दी गई थी।

हालांकि, पाकिस्तान में हाल ही में शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की घोषणा कर दी है, जिससे भविष्य में तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस आपूर्ति से वैश्विक तेल बाजार में आई अस्थिरता को कुछ हद तक संतुलित करने में मदद मिल सकती है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के कारण स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

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