इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हवा का रिसाव, नासा अलर्ट; एस्ट्रोनॉट्स को स्पेसक्राफ्ट में रहने के निर्देश
वॉशिंगटन। अंतरिक्ष में मानव मिशनों के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में हवा के संभावित रिसाव की सूचना के बाद अंतरिक्ष एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नासा ने स्टेशन पर मौजूद एस्ट्रोनॉट्स को एहतियातन उनके स्पेसक्राफ्ट में रहने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा को लेकर बढ़ाई गई सतर्कता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्पेस स्टेशन के एक हिस्से में हवा के रिसाव की आशंका जताई गई है। इसके बाद इंजीनियरों और मिशन कंट्रोल टीम ने तत्काल स्थिति का आकलन शुरू कर दिया।
नासा ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को उनके निर्धारित स्पेसक्राफ्ट के भीतर सुरक्षित रहने की सलाह दी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत पृथ्वी पर वापस भेजा जा सके।
इमरजेंसी रिटर्न प्लान तैयार
नासा और अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों ने संभावित आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए रिटर्न प्लान सक्रिय रखा है। यदि रिसाव की स्थिति गंभीर पाई जाती है या स्टेशन की सुरक्षा प्रभावित होती है, तो एस्ट्रोनॉट्स को सुरक्षित तरीके से पृथ्वी पर वापस लाया जा सकता है।
हालांकि फिलहाल किसी तत्काल खतरे की पुष्टि नहीं की गई है और विशेषज्ञ लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं रिसाव के मामले
ISS में हवा के रिसाव से जुड़ी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। अंतरिक्ष स्टेशन में समय-समय पर छोटे तकनीकी रिसावों की पहचान कर उन्हें ठीक किया जाता रहा है। ऐसे मामलों में मिशन कंट्रोल टीम अत्यधिक सतर्कता के साथ काम करती है ताकि अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
नासा ने स्पष्ट किया है कि स्टेशन पर मौजूद सभी एस्ट्रोनॉट्स सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञ रिसाव के स्रोत और उसकी गंभीरता का पता लगाने में जुटे हैं।
अंतरिक्ष अभियानों में इस तरह की तकनीकी चुनौतियां असामान्य नहीं मानी जातीं, लेकिन मानव जीवन की सुरक्षा को देखते हुए हर स्थिति के लिए विस्तृत आपातकालीन योजना पहले से तैयार रखी जाती है।
वैश्विक अंतरिक्ष एजेंसियां कर रहीं निगरानी
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन एक बहुराष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें नासा समेत कई अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियां शामिल हैं। ऐसे में इस घटना पर सभी साझेदार एजेंसियां संयुक्त रूप से नजर बनाए हुए हैं और तकनीकी टीमों के बीच लगातार समन्वय जारी है।
फिलहाल मिशन कंट्रोल द्वारा स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
