इनोविजन IPO की लिस्टिंग फिर टली, अब 23 मार्च को बाजार में एंट्री संभव

टोल मैनेजमेंट और मैनपावर सर्विस देने वाली कंपनी इनोविजन के IPO की लिस्टिंग एक बार फिर टाल दी गई है। अब कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर 23 मार्च को लिस्ट हो सकते हैं।
लगातार टल रही है लिस्टिंग
पहले लिस्टिंग डेट: 17 मार्च
बाद में बढ़ाकर: 20 मार्च
नई संभावित तारीख: 23 मार्च
लिस्टिंग में देरी की मुख्य वजह IPO को अपेक्षित रिस्पॉन्स न मिलना बताया जा रहा है।
सब्सक्रिप्शन और प्राइस बैंड में बदलाव
IPO 10 मार्च को खुला था और शुरुआती कमजोर सब्सक्रिप्शन के चलते:
क्लोजिंग डेट 12 मार्च से बढ़ाकर 17 मार्च की गई
प्राइस बैंड ₹521–₹548 से घटाकर ₹494–₹519 किया गया
इसके बावजूद, IPO को केवल 3.46 गुना सब्सक्रिप्शन ही मिला।
👉 सबसे बड़ी चिंता यह रही कि रिटेल निवेशकों का कोटा सिर्फ 60% ही भर पाया।
इश्यू साइज और शेयर डिटेल
कुल शेयर: 61,51,295
फ्रेश इश्यू: ₹255 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS): ₹64 करोड़
कंपनी का फाइनेंशियल प्रदर्शन
कंपनी की आय और मुनाफे में लगातार वृद्धि दर्ज हुई है:
नेट प्रॉफिट
FY23: ₹8.88 करोड़
FY24: ₹10.27 करोड़
FY25: ₹29.02 करोड़
FY26 (H1): ₹20 करोड़
रेवेन्यू
FY23: ₹257.62 करोड़
FY24: ₹512.13 करोड़
FY25: ₹895.95 करोड़
FY26 (H1): ₹483.10 करोड़
कर्ज बना चिंता का कारण
कंपनी पर कर्ज तेजी से बढ़ा है:
FY23: ₹33.34 करोड़
FY24: ₹48.15 करोड़
FY25: ₹79.05 करोड़
FY26 (H1): ₹112.39 करोड़
निवेशकों के लिए संकेत
मजबूत ग्रोथ, लेकिन कमजोर रिटेल इंटरेस्ट
कर्ज में तेज बढ़ोतरी
लिस्टिंग में देरी से बाजार में सतर्कता
👉 कुल मिलाकर, इनोविजन IPO को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है। अब 23 मार्च की लिस्टिंग पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं, जो इस इश्यू के भविष्य की दिशा तय कर सकती है।






