ग्लोबल ऑयल मार्केट में गिरावट, डब्ल्यूटीआई क्रूड 86.96 डॉलर तक लुढ़का

अमेरिका और Iran के बीच संभावित शांति वार्ता की उम्मीदों के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है।
⛽ डब्ल्यूटीआई 86.96 डॉलर तक गिरा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में West Texas Intermediate (WTI) क्रूड गिरकर 86.96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद इसमें हल्की रिकवरी भी देखने को मिली और यह फिर 91 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया।
🌍 ब्रेंट क्रूड में भी उतार-चढ़ाव
Brent Crude ने 94.45 डॉलर से शुरुआत कर 93.96 डॉलर तक गिरावट दिखाई, लेकिन बाद में तेजी के साथ 95.78 डॉलर तक पहुंच गया। सुबह 11 बजे के आसपास यह करीब 95.69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
📉 गिरावट की बड़ी वजह
Donald Trump के बयान के बाद बाजार में यह उम्मीद बनी है कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही बातचीत शुरू हो सकती है।
- इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावना
- सप्लाई चेन सामान्य होने की उम्मीद
- पिछले दो दिनों में करीब 8% तक गिरावट
⚠️ ग्लोबल असर और चिंता
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पहले सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई थी, जिससे:
- पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ीं
- आयातक देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ा
International Energy Agency (IEA) ने भी इस साल तेल खपत में गिरावट की आशंका जताई है।
🇮🇳 भारत पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंजप्शन घटता है, तो इसका असर वैश्विक आर्थिक विकास पर पड़ेगा। खासकर India जैसे आयात-निर्भर देशों की जीडीपी ग्रोथ पर भी दबाव बन सकता है।
कुल मिलाकर, ग्लोबल ऑयल मार्केट फिलहाल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, जहां भू-राजनीतिक घटनाक्रम कीमतों को लगातार प्रभावित कर रहे हैं।






