इंदौर कलेक्टर ने प्रेमी जोडे़ को बैठाया..पानी पिलाया: कहा- लव मैरिज के बाद गांव वाले दे रहे धमकी; कहते हैं इधर दिखोगे तो मरोगे

इंदौर। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में एक प्रेमी जोड़ा सुरक्षा की गुहार लेकर पहुंचा। जोड़े ने बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से लव मैरिज की है। शादी के बाद से लड़की के परिजन लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्हें जान का खतरा है।
पीड़ित पवन यादव ने बताया कि वह कालाकुंड का रहने वाला है। उसने 27 जून 2026 को अपनी मर्जी से शादी की थी। पवन के मुताबिक, दोनों बालिग हैं और उनकी शादी सहमति से हुई है। शादी के बाद लड़की के परिजन उसके परिवार पर दबाव बना रहे हैं।
मारपीट और गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया। पवन ने आरोप लगाया कि उसके भाई के साथ मारपीट और अपहरण की घटना भी हुई है। इसकी शिकायत सिमरोल थाने में दर्ज कराई गई है। उसका आरोप है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
कलेक्टर ने सुनी बात, पुलिस सुरक्षा का दिया भरोसा
पवन ने कहा कि लगातार परेशान किए जाने से वह और उसकी पत्नी काफी तनाव में हैं। उसने बताया कि दो बार कलेक्टर कार्यालय से लौटने के बाद मंगलवार को उनकी कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात हुई। कलेक्टर ने दोनों की बात सुनी और पुलिस सुरक्षा का आश्वासन दिया। साथ ही एसपी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पवन ने लड़की के पिता राकेश गावन और मामा जीवन सिंगारे पर भी परिवार को धमकाने के आरोप लगाए हैं। दोनों खुर्दा-खुर्दी और मानपुर काकरिया क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
SP कार्यालय के अधिकारी पर भी लगाया आरोप
पवन ने SP कार्यालय में शिकायत के दौरान एक अधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उसका दावा है कि अधिकारी विजय कुमार यादव ने उसे आत्महत्या करने की बात कही और उसके बाद उसके माता-पिता को जेल भेजने की बात कही। प्रेमी जोड़े ने प्रशासन से सुरक्षा देने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

जनसुनवाई में जमीन से लेकर स्वास्थ्य तक के मामले
कलेक्टर कार्यालय में हुई साप्ताहिक जनसुनवाई में करीब 243 आवेदन प्राप्त हुए। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जमीन विवाद, अतिक्रमण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता और पुलिस से जुड़े मामले प्रमुख रहे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित एसडीएम और विभागीय अधिकारियों को मामलों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। सभी आवेदनों को पोर्टल पर दर्ज किया गया।
जरूरतमंदों को मौके पर मिली आर्थिक मदद
जनसुनवाई में जरूरतमंद परिवारों को रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से तत्काल आर्थिक सहायता दी गई। गंभीर स्वास्थ्य मामलों में भी मदद उपलब्ध कराई गई। शिक्षा और इलाज से जुड़े मामलों पर अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बताया कि जिन मामलों में तत्काल सहायता की जरूरत थी, उनमें मौके पर मदद उपलब्ध कराई गई। अतिक्रमण और पुलिस से जुड़े मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर जल्द निराकरण के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई में भी पहुंचीं कई शिकायतें
इधर, इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में भी जनसुनवाई हुई। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं। घरेलू विवाद, पड़ोसियों के विवाद, धोखाधड़ी और आर्थिक ठगी से जुड़े मामले सामने आए। एक आवेदक ने शिकायत की कि उसकी जानकारी के बिना उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके नाम पर लोन कराया गया। लोन की राशि किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद ईएमआई और रिकवरी का दबाव उस पर बनाया जा रहा था। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मॉडलिंग असाइनमेंट के नाम पर पैसे लेने की शिकायत
मॉडलिंग ट्रेनिंग और असाइनमेंट दिलाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायत भी सामने आई। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर रकम ली गई। बाद में असाइनमेंट नहीं दिया गया और पैसे भी वापस नहीं किए गए। पुलिस कमिश्नर ने संबंधित एजेंसी और पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में नगर निगम, राजस्व, पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट के साथ एसडीएम स्तर पर भी जनसुनवाई आयोजित की गई।