पश्चिम एशिया संकट के बीच राहत: देश में तेल की कीमतें स्थिर, सरकार ने पर्याप्त आपूर्ति का भरोसा दिया

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार मौजूद है और अगले दो महीनों के लिए आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेसवार्ता में कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के बावजूद भारत ने अपनी ईंधन और कृषि आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित बनाए रखा है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर
सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं होने दी है। इसके लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती जैसे कदम उठाए गए हैं।
हालांकि, इस फैसले के चलते सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को कुछ नुकसान भी उठाना पड़ रहा है, लेकिन सरकार ने आम जनता को राहत देने को प्राथमिकता दी है।
गैस सप्लाई भी पूरी तरह सुरक्षित
सरकार ने बताया कि:
- घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की 100% आपूर्ति सुनिश्चित
- CNG ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी कोई कमी नहीं
- PNG नेटवर्क का तेजी से विस्तार
मार्च महीने में करीब 3.25 लाख नए गैस कनेक्शन दिए गए, जो सरकार की ऊर्जा पहुंच बढ़ाने की योजना का हिस्सा है।
ATF कीमतों पर बड़ा फैसला
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव असंगबा चुबा ने बताया कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में संभावित भारी बढ़ोतरी को नियंत्रित किया गया है।
घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF कीमतों में सिर्फ 25% की सीमित बढ़ोतरी लागू की गई है, जिससे विमानन क्षेत्र पर दबाव कम होगा।
घबराहट में खरीदारी से बचने की सलाह
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या संकट की आशंका में घबराकर खरीदारी न करें, क्योंकि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का फोकस
इन कदमों से साफ है कि भारत सरकार
- वैश्विक संकट के बीच भी
- घरेलू बाजार को स्थिर बनाए रखने
- और उपभोक्ताओं को राहत देने
के लिए लगातार सक्रिय है।
यह रणनीति देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।






