भारत-साइप्रस रिश्तों को मिला रणनीतिक साझेदारी का दर्जा, निवेश दोगुना करने का लक्ष्य: पीएम मोदी
भारत-साइप्रस रिश्तों को मिला रणनीतिक साझेदारी का दर्जा, निवेश दोगुना करने का लक्ष्य: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत और साइप्रस के रिश्तों को नई ऊंचाई देते हुए रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) का दर्जा देने की घोषणा की। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस बयान में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश अगले पांच वर्षों में साइप्रस से भारत में निवेश को दोबारा दोगुना करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेंगे।
बढ़ते भरोसे से मजबूत हुए संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस के बीच संबंध मजबूत होने के साथ भविष्य उन्मुख भी हैं। लोकतंत्र, कानून का शासन, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान जैसे साझा मूल्य दोनों देशों की साझेदारी की मजबूत नींव हैं।
उन्होंने कहा कि भारत इन सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी रहेगा।
निवेश को लेकर बड़ा लक्ष्य
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हुआ है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से नई आर्थिक संभावनाएं खुली हैं।
इन्हीं अवसरों का लाभ उठाते हुए दोनों देशों ने अगले 5 वर्षों में निवेश को फिर से दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है।
कई अहम समझौतों पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने माइग्रेशन एवं मोबिलिटी समझौते और सामाजिक सुरक्षा समझौते पर सहमति बनाई है। इसके अलावा उच्च शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते किए जा रहे हैं।
भारत-यूरोप संबंधों का नया दौर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोप के संबंध एक नए स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे समय में साइप्रस, यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभालने के साथ भारत और यूरोप के बीच एक अहम निवेश प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है।
वैश्विक मुद्दों पर भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया जैसे मुद्दों पर भारत शांति और संघर्ष समाप्ति के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में त्वरित और महत्वपूर्ण सुधारों की जरूरत पर भी जोर दिया।
