ह्यूमन राइट्स वॉच की मांग: हंगरी में प्रवेश पर इजराइली पीएम नेतन्याहू को किया जाए गिरफ्तार

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने हंगरी से अपील की है कि यदि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू उसकी सीमा में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
यह अपील ऐसे समय में की गई है जब नेतन्याहू की हंगरी यात्रा प्रस्तावित है और देश में आम चुनाव भी नजदीक हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने 21 नवंबर 2024 को नेतन्याहू और तत्कालीन रक्षामंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। यह वारंट गाजा में कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों से जुड़ा है।
HRW के अंतरराष्ट्रीय न्याय शोधकर्ता एलिस ऑटिन ने कहा कि हंगरी, आईसीसी का सदस्य होने के नाते, कानूनी रूप से बाध्य है कि वह न्यायालय द्वारा वांछित व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उन्हें सौंपे।
हालांकि, हंगरी पहले ही आईसीसी संधि से बाहर निकलने की घोषणा कर चुका है, जो जून 2026 से प्रभावी होगी। इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है।
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और गाजा, लेबनान तथा अन्य क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने यूरोपीय संघ (EU) और आईसीसी के सदस्य देशों से भी अपील की है कि वे हंगरी पर दबाव बनाएं ताकि वह अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करे और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करे।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के मामलों में कार्रवाई नहीं होती है, तो यह कानून के शासन और अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है, जिससे वैश्विक संबंधों में नई जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।






