हरित बंदरगाहों पर केंद्र का फोकस तेज, 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 30% कमी का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने हरित बंदरगाहों और समुद्री ढांचे के विकास को तेज करते हुए वर्ष 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 30 प्रतिशत कमी का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह पहल भारत के समुद्री क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
⚓ ग्रीन टग ट्रांजिशन प्रोग्राम लागू
केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने लोकसभा में जानकारी दी कि प्रमुख बंदरगाहों पर ग्रीन टग ट्रांजिशन प्रोग्राम (GTTP) लागू किया गया है।
इसके तहत—
- डीजल टग्स को इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड टग्स में बदला जा रहा है
- बंदरगाहों पर उपकरणों और वाहनों का विद्युतीकरण किया जा रहा है
- शून्य-उत्सर्जन ट्रकों की तैनाती की जा रही है
🔋 नवीकरणीय ऊर्जा और आधुनिक तकनीक
सरकार द्वारा बंदरगाहों पर—
- सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग
- ऑनशोर पावर सप्लाई सिस्टम
- हरित सागर ग्रीन पोर्ट गाइडलाइंस का पालन
जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे उत्सर्जन में कमी दर्ज की जा रही है।
🧪 ग्रीन हाइड्रोजन हब का विकास
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने—
- दीनदयाल पोर्ट (गुजरात)
- पारादीप पोर्ट (ओडिशा)
- वीओ चिदंबरनार पोर्ट (तमिलनाडु)
को ग्रीन हाइड्रोजन हब के रूप में मान्यता दी है।
यहां ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल से जुड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
🚢 बड़े पैमाने पर निवेश और परियोजनाएं
- पारादीप पोर्ट पर PPP मॉडल के तहत 797 करोड़ रुपये की परियोजना
- पिछले 2 वर्षों में 180 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी
- तटीय शिपिंग और पोर्ट मॉडर्नाइजेशन पर विशेष जोर
🎯 2030 के लक्ष्य (Maritime Vision)
मैरिटाइम इंडिया विजन 2030 के तहत—
- 60% से अधिक ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से
- 50% उपकरणों का विद्युतीकरण
- 20% हरित पट्टी क्षेत्र
- प्रति टन कार्गो पर 30% कार्बन उत्सर्जन में कमी






