इस हफ्ते सोना ₹6,438 और चांदी ₹14,326 सस्ती, निवेशकों ने मेटल छोड़ कैश को दी प्राथमिकता

इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में 6,438 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जबकि चांदी 14,326 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना पिछले सप्ताह के 1.54 लाख रुपये के स्तर से गिरकर 1.48 लाख रुपये पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत 2.57 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 2.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है।

ऑल टाइम हाई से बड़ी गिरावट

इस वर्ष सोने और चांदी दोनों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 1.76 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से अब तक सोना लगभग 28 हजार रुपये सस्ता हो चुका है।

वहीं चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऑल टाइम हाई स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद 135 दिनों में चांदी करीब 1.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो चुकी है।

क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सामान्यतः वैश्विक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार निवेशकों का रुख अलग नजर आ रहा है।

कैश होल्डिंग पर बढ़ा फोकस

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच कई निवेशक जोखिम कम करने के लिए अपने सोने और चांदी के निवेश को बेचकर नकदी जुटा रहे हैं। अनिश्चित हालात में अधिक लिक्विडिटी बनाए रखने की रणनीति के कारण बाजार में बिकवाली बढ़ी है।

प्रॉफिट बुकिंग का असर

जनवरी में सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। इसके बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। बाजार में सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना और दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई।

आगे क्या रह सकता है रुझान?

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात, डॉलर की चाल, ब्याज दरों के फैसले और भू-राजनीतिक परिस्थितियां आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी। फिलहाल बाजार में सतर्कता का माहौल है और निवेशक सुरक्षित रणनीति अपनाते दिखाई दे रहे हैं।

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